'पाकिस्तानियों को भारत में बसाना और नौकरी देना चाहती है BJP' केजरीवाल ने CAA के फैसले को बताया ‘वोट बैंक की गंदी राजनीति'
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश CAA को खत्म करने की मांग करता है और लोगों से कहा कि अगर कानून रद्द नहीं किया गया, तो वे BJP के खिलाफ वोट करें। केजरीवाल ने कहा कि अगर केंद्र की बीजेपी सरकार ने अपने 10 साल के शासन में काम किया होता तो चुनाव से पहले सीएए लागू करने की जरूरत नहीं पड़ती
MoneyControl News
अपडेटेड Mar 13, 2024 पर 5:58 PM
अरविंद केजरीवाल ने CAA लागू करने के फैसले को बताया ‘वोट बैंक की गंदी राजनीति'
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बुधवार को कहा कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections) से पहले नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) को लागू करना BJP की ‘वोट बैंक की गंदी राजनीति' है। उन्होंने कहा कि लोग चाहते हैं कि इस कानून को निरस्त किया जाए। BJP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने देश में रहने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध और ईसाई शरणार्थियों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम का मकसद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए उन गैर-मुस्लिम प्रवासियों को नागरिकता देना है, जिनके पास दस्तावेज नहीं है।
केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस कानून के जरिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में गरीब अल्पसंख्यकों के भारत आने के रास्ते खोल दिए हैं।
CAA के बाद भारत में पैदा हो जाएगी खतरनाक स्थिति: केजरीवाल
उन्होंने दावा किया कि CAA लागू होने के बाद अगर पड़ोसी देशों के 1.5 करोड़ अल्पसंख्यक भी भारत आ गए, तो खतरनाक स्थिति पैदा हो जाएगी।
आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल ने कहा, “यह 1947 से भी बड़ा पलायन होगा... कानून-व्यवस्था चरमरा जाएगी। बलात्कार और डकैती के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है।”
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा, “पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में 3.5 करोड़ अल्पसंख्यक हैं। BJP हमारे लोगों का पैसा पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए गरीब प्रवासियों को यहां नौकरी और घर देकर बसाने में खर्च करना चाहती है।”
उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में भाजपा को फायदा होगा क्योंकि पड़ोसी देशों से भारत में बसने वाले गरीब अल्पसंख्यक उसके वोट बैंक बन जाएंगे।
'BJP के खिलाफ वोट करें'
केजरीवाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) से पहले CAA लागू करना BJP की ''वोट बैंक की गंदी राजनीति'' है। उन्होंने कहा कि देश चाहता है कि CAA निरस्त हो। उन्होंने लोगों से कहा कि अगर कानून रद्द नहीं किया गया, तो वे BJP के खिलाफ वोट करें।
केजरीवाल ने कहा कि अगर केंद्र की BJP सरकार ने अपने 10 साल के शासनकाल में काम किया होता, तो चुनाव से पहले CAA लागू करने की जरूरत नहीं पड़ती।
AAP नेता ने कहा, “भारत में लोग कमरतोड़ महंगाई का सामना कर रहे हैं... और युवा नौकरियों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। एक तरफ देश में बेरोजगारों की बड़ी फौज है और हरियाणा की BJP सरकार युवाओं को युद्ध में मरने के लिए इजराइल भेज रही है। दूसरी ओर, भाजपा पाकिस्तानियों को भारत में बसाना और उनके बच्चों को रोजगार देना चाहती है।”
केजरीवाल ने आरोप लगाया, ''बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से लोगों को भारत लाना और उन्हें हमारे बच्चों का उचित रोजगार देना किस तरह की मूर्खता है।''
उन्होंने कहा, ''पिछले 10 सालों में 11 लाख उद्योगपतियों और व्यापारियों ने भारत छोड़ दिया। अगर BJP को लोगों को देश में लाना ही है, तो उसे नौकरियां देने के लिए उन्हें वापस लाना चाहिए।”
BJP ने किया पलटवार
BJP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने केजरीवाल पर पलटवार करते हुए दावा किया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री “यह भी नहीं समझते हैं कि CAA सभी सताए गए अल्पसंख्यकों (पड़ोसी देशों से) को आश्रय प्रदान करने के लिए एक कानून है, न कि किसी की नागरिकता छीनने के लिए।”
उन्होंने कहा, "केजरीवाल को यह समझने की जरूरत है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए शरणार्थी हमारे अपने हैं और रहेंगे।”