CAA implementation: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले हिंदू और सिख शरणार्थियों ने गुरुवार (14 मार्च) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के सिविल लाइंस स्थित आवास के पास विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केजरीवाल से नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लागू करने के खिलाफ की गई उनकी टिप्पणियों के लिए माफी की मांग की। प्रदर्शनकारी चंदगीराम अखाड़े के पास जुए और केजरीवाल के बंगले की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों में शामिल पंजूराम ने पीटीआई से कहा, "नरेंद्र मोदी सरकार हमें नागरिकता दे रही है जबकि केजरीवाल पूछ रहे हैं कि हमें नौकरी और घर कौन देगा। वह हमारा दर्द नहीं समझते।" प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केजरीवाल को सीएए और शरणार्थियों के खिलाफ अपने बयान वापस लेने चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
विरोध-प्रदर्शन में रोहिणी, आदर्श नगर, सिग्नेचर ब्रिज के नजदीक और मंजनू का टीला में रहने वाले हिंदू और सिख शरणार्थियों ने हिस्सा लिया। केजरीवाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फेंस में आरोप लगाया था कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएए को लागू करना BJP की 'वोट बैंक की गंदी राजनीति' है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से आकर यहां बसने वालों को नौकरियां और घर दिए जाएंगे, जिसका असर स्थानीय लोगों पर पड़ेगा। केंद्र सरकार द्वारा सीएए के अधिसूचित नियमों के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आये हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी।
'दूसरे देशों के अल्पसंख्यकों स्वीकार्य नहीं'
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने CAA लागू किए जाने को लेकर गुरुवार को भी केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए दरवाजे खुलने के कारण पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारी संख्या में लोग भारत आएंगे। सीएए को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कथित टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने कहा कि देश महत्वपूर्ण है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता ने एक प्रेसवार्ता में कहा, "उन्होंने (शाह) मुझे भ्रष्ट कहा है, लेकिन मैं महत्वपूर्ण नहीं हूं, देश महत्वपूर्ण है। उन्होंने मेरे द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने केवल मुझे अपशब्द कहे।" केजरीवाल ने कहा कि इस कानून के जरिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार ने पाकिस्तान और बांग्लादेश से बड़ी संख्या में गरीब अल्पसंख्यकों के भारत आने के लिए द्वार खोल दिए हैं।
उन्होंने दावा किया था कि आने वाले चुनावों में BJP को फायदा होगा, क्योंकि पड़ोसी देशों से भारत में बसने वाले गरीब अल्पसंख्यक उसके वोट बैंक बन जाएंगे। केजरीवाल ने केंद्र से पूछा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से भारत आने वाले शरणार्थियों के लिए नौकरियां, घर और अन्य संसाधन कहां से आएंगे।