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CAA को लेकर केजरीवाल के बयान पर हंगामा, हिंदू शरणार्थियों ने सीएम के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शन

CAA implementation: केंद्र सरकार द्वारा सीएए के अधिसूचित नियमों के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। केजरीवाल सहित कई विपक्षी पार्टियों ने इसका विरोध किया है

Akhileshअपडेटेड Mar 14, 2024 पर 3:31 PM
CAA को लेकर केजरीवाल के बयान पर हंगामा, हिंदू शरणार्थियों ने सीएम के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शन
CAA को लेकर केजरीवाल के बयान पर हंगामा, हिंदू शरणार्थियों ने सीएम के खिलाफ किया विरोध-प्रदर्शन

CAA implementation: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले हिंदू और सिख शरणार्थियों ने गुरुवार (14 मार्च) को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के सिविल लाइंस स्थित आवास के पास विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केजरीवाल से नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लागू करने के खिलाफ की गई उनकी टिप्पणियों के लिए माफी की मांग की। प्रदर्शनकारी चंदगीराम अखाड़े के पास जुए और केजरीवाल के बंगले की ओर मार्च करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों में शामिल पंजूराम ने पीटीआई से कहा, "नरेंद्र मोदी सरकार हमें नागरिकता दे रही है जबकि केजरीवाल पूछ रहे हैं कि हमें नौकरी और घर कौन देगा। वह हमारा दर्द नहीं समझते।" प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केजरीवाल को सीएए और शरणार्थियों के खिलाफ अपने बयान वापस लेने चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।

विरोध-प्रदर्शन में रोहिणी, आदर्श नगर, सिग्नेचर ब्रिज के नजदीक और मंजनू का टीला में रहने वाले हिंदू और सिख शरणार्थियों ने हिस्सा लिया। केजरीवाल ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फेंस में आरोप लगाया था कि लोकसभा चुनाव से पहले सीएए को लागू करना BJP की 'वोट बैंक की गंदी राजनीति' है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान और बांग्लादेश से आकर यहां बसने वालों को नौकरियां और घर दिए जाएंगे, जिसका असर स्थानीय लोगों पर पड़ेगा। केंद्र सरकार द्वारा सीएए के अधिसूचित नियमों के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आये हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी।

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