लोकसभा चुनाव से पहले JMM में फूट! हेमंत सोरेन की भाभी ने थामा BJP का दामन, बोलीं- पार्टी में वो सम्मान नहीं मिला

Jharkhand Lok Sabha Election: हिंदी में लिखे अपने इस्तीफे में सीता सोरेन (Sita Soren) ने कहा कि उनके पति के निधन के बाद से उन्हें और उनके परिवार को लगातार अपमान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने लिखा, "पार्टी के सदस्यों और परिवार ने हमें अलग-थलग कर दिया है, जो मेरे लिए दुखद है

अपडेटेड Mar 19, 2024 पर 5:18 PM
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लोकसभा चुनाव से पहले JMM में फूट, हेमंत सोरेन की भाभी ने थामा BJP का दामन

लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) से पहले राज्य की सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) की भाभी सीता सोरेन (Sita Soren) मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं। सीता सोरेन ने BJP में शामिल होने से कुछ घंटों पहले ही JMM को छोड़ दिया था और दावा किया था कि झारखंड के सत्तारूढ़ दल में उनकी उपेक्षा की जा रही थी और अलग-थलग किया जा रहा था।

सीता सोरेन यहां BJP मुख्यालय में राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावडे और झारखंड चुनाव प्रभारी लक्ष्मीकांत बाजपेयी की मौजूदगी में BJP में शामिल हुईं। सीता सोरेन हेमंत सोरेन बड़े भाई स्वर्गीय दुर्गा सोरेन की पत्नी हैं, जिनका 2009 में 39 साल की उम्र में निधन हो गया था।

बीजेपी में शामिल होने के बाद सीता सोरेन ने कहा, "मैंने 14 साल तक पार्टी (जेएमएम) के लिए काम किया, लेकिन मुझे कभी भी पार्टी से वो सम्मान नहीं मिला, जिसकी मैं हकदार थी। इस वजह से मुझे यह फैसला (बीजेपी में शामिल होने का) लेना पड़ा। पीएम मोदी, जेपी नड्डा जी और अमित शाह जी पर भरोसा रखते हुए मैं आज बीजेपी में शामिल हो गई। हमें झारखंड और अपने आदिवासी भाइयों की जिंदगी को बचाना है। झारखंड में बदलाव की जरूरत है।"


'पार्टी और परिवार न अलग-थलग कर दिया'

इससे पहले उन्होंने अपने इस्तीफे में भी कुछ इस तरह की ही बातें कही थी। उन्होंने हिंदी में लिखे अपने इस्तीफे में कहा, "पार्टी के सदस्यों और परिवार ने हमें अलग-थलग कर दिया है, जो मेरे लिए दुखद है।"

उन्होंने उम्मीद जताई कि समय के साथ परिस्थितियों में सुधार होगा। हालांकि, सीता सोरेन को इस बात का अफसोस है कि JMM अब उस विरासत को बरकरार नहीं रखती है, जिसे स्थापित करने के लिए उनके दिवंगत पति ने कड़ी मेहनत की थी।

JMM के पूर्व विधायक ने अफसोस जताया कि पार्टी का वर्तमान नेतृत्व उनके मूल्यों और सिद्धांतों को साझा नहीं करता है।

उन्होंने कहा कि वह JMM में उपेक्षित महसूस कर रही थीं और उन्होंने भारी मन से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है।

सीता सोरेन ने किया कल्पना सोरेन का विरोध

इससे पहले सोरेन परिवार में उस समय दरार सामने आई थी, जब सीता ने हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी के दौरान उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाये जाने के किसी भी कदम का खुलकर विरोध किया था।

उन्होंने अपने त्यागपत्र में लिखा, ‘‘मेरे दिवंगत पति दुर्गा सोरेन के निधन के बाद से मैं और मेरा परिवार लगातार उपेक्षा का शिकार हुआ है। मेरे पति झारखंड आंदोलन के अगुवा थे और महान क्रांतिकारी थे। पार्टी और परिवार के सदस्यों ने हमारी उपेक्षा की जो बहुत पीड़ादायक रहा।’’

सीता ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद थी कि समय के साथ हालात सुधरेंगे, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ।’’

उन्होंने पत्र में लिखा, ‘‘हम सब को साथ रखने के लिए मेहनत करने वाले श्री शिबू सोरेन के अथक प्रयास दुर्भाग्य से विफल रहे। मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ रची जा रही साजिश का मुझे पता चल गया है। मेरे पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।’’

विधायक के कार्यालय के अनुसार उन्होंने झारखंड विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।

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