Jharkhand Chunav 2024: कौन हैं अजय कुमार सिंह? IPS अधिकारी को EC ने नियुक्त किया झारखंड का नया DGP

Jharkhand Vidhan Sabha Chunav 2024: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने सोमवार (21 अक्टूबर) को झारखंड के डीजीपी पद पर अजय कुमार सिंह की नियुक्ति को मंजूरी दे दी, जो इस कैडर के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। अजय कुमार सिंह भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 1989 बैच के हैं

अपडेटेड Oct 21, 2024 पर 5:55 PM
Story continues below Advertisement
Jharkhand Election 2024: झारखंड में दो चरणों में क्रमश: 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा, जबकि मतों की गिनती 23 नवंबर को की जाएगी

Jharkhand Assembly Elections 2024: चुनाव आयोग ने झारखंड कैडर के सीनियर IPS अधिकारी अजय कुमार सिंह को सोमवार (21 अक्टूबर) को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया। आयोग ने अनुराग गुप्ता को झारखंड के कार्यवाहक डीजीपी पद से हटाने के कुछ दिन बाद यह कदम उठाया है। सिंह 1989 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी (IPS) हैं। उन्हें तीन आईपीएस अधिकारियों के पैनल में से चुना गया, जिनके नामों की सिफारिश राज्य सरकार ने की थी।

पीटीआई के मुताबिक, पिछले चुनावों में चुनाव-संबंधी कदाचार में संलिप्तता के आरोपों के कारण निर्वाचन आयोग ने कार्यवाहक डीजीपी अनुराग गुप्ता को शनिवार (19 अक्टूबर) को उनके पद से हटाने का आदेश दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने ये तीन नाम भेजे थे। झारखंड में विधानसभा चुनाव के तहत 13 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। साल 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी गुप्ता को 26 जुलाई को सिंह की जगह डीजीपी का कार्यभार सौंपा गया था।

विवादों में रहा है DGP का पद


सिंह को उनके पूर्ववर्ती नीरज सिन्हा की रिटायरमेंट के बाद फरवरी 2023 में राज्य का डीजीपी बनाया गया था। पिछले साल सिंह की नियुक्ति के साथ ही राज्य के डीजीपी की नियुक्ति को लेकर जारी विवाद खत्म हो गया। जनवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार और पूर्व पुलिस प्रमुख नीरज सिन्हा के खिलाफ अवमानना ​​याचिका का निपटारा कर दिया था। एक याचिका में आरोप लगाया गया था कि सिन्हा 31 जनवरी, 2022 को अपनी सेवानिवृत्ति के बाद भी डीजीपी के पद पर बने हुए हैं।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने तब राज्य सरकार को यूपीएससी की ओर से पेश मांगों पर ध्यान देने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने 14 जुलाई, 2021 को अपने फैसले के कथित उल्लंघन के लिए राज्य सरकार, उसके शीर्ष अधिकारियों और यूपीएससी के खिलाफ दायर अवमानना ​​याचिका पर नोटिस जारी किया।

3 सितंबर, 2021 को शीर्ष अदालत ने प्रदेश पुलिस प्रमुख के लिए दो साल के निश्चित कार्यकाल के उसके फैसले का कथित तौर पर उल्लंघन करते हुए एक अंतरिम डीजीपी की नियुक्ति में राज्य सरकार और UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) की भूमिका के लिए उनकी खिंचाई की थी। डीजीपी का चयन यूपीएससी द्वारा तैयार की जाने वाली सूची से किया जाना था।

इस साल जुलाई में गुप्ता की नियुक्ति की अधिसूचना के तुरंत बाद डीजीपी की नियुक्ति को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ गठबंधन में दरार सामने आई थी। तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा था कि इतना बड़ा निर्णय लेते समय गठबंधन सहयोगियों को विश्वास में नहीं लिया गया।

चुनाव आयोग ने सरकार को दी थी लिस्ट

इस महीने की शुरुआत में निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार से 21 अक्टूबर की सुबह तक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का एक पैनल सौंपने को कहा था, ताकि वह अगले डीजीपी का चयन कर सके। गुप्ता को 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान JMM द्वारा लगाए गए पक्षपातपूर्ण आचरण के आरोपों के बाद ADG (विशेष शाखा, झारखंड) के रूप में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया था।

ये भी पढ़ें- हरियाणा के बाद अब महाराष्ट्र मिशन पर जुटेंगे RSS कार्यकर्ता, 75,000 स्थानीय बैठकें की जाएगी आयोजित

सूत्रों के मुताबिक, गुप्ता को दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय में नियुक्त किया गया और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक उनके झारखंड लौटने पर रोक लगा दी गई। साल 2016 में झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन अतिरिक्त डीजीपी गुप्ता पर अधिकारों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे थे। निर्वाचन आयोग ने एक जांच समिति का गठन किया था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।