Kerala Assembly Elections 2026: केरल पुलिस की साइबर विंग ने अमेरिकी अरबपति एलॉन मस्क की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कंपनी X और उसके एक हैंडल के खिलाफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड वीडियो सर्कुलेट करने के आरोप में केस दर्ज किया है। FIR के मुताबिक, आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग (ECI) को AI जेनरेटेड वीडियो में गलत तरीके से पेश किया गया है। इस वीडियो में कथित तौर पर पीएम मोदी और चुनाव आयोग को गुमराह करने वाले और मानहानिकारक तरीके से दिखाया गया है।
एक बयान में पुलिस ने कहा कि उन्हें कथित तौर पर मानहानिकारक कंटेंट के बारे में जानकारी भारत का चुनाव आयोग (ECI) समेत अन्य आधिकारिक माध्यमों के जरिए मिली। पुलिस ने कहा, "जांच करने पर यह पाया गया कि यह कंटेंट जनता को गुमराह कर सकता है। साथ ही संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर कर सकता है। साथ ही स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के संचालन पर बुरा असर डाल सकता है।"
पुलिस ने आगे कहा कि बुधवार देर रात तिरुवनंतपुरम शहर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक केस दर्ज किया गया। अपराधी की पहचान करने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, शुरुआती जांच में पाया गया कि इस वीडियो में जनता को गुमराह करने, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कम करने और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनावों के संचालन पर बुरा असर डालने की क्षमता थी।
FIR में X हैंडल Laxmi N Raju (@valiant_Raju) के साथ-साथ X Corp समेत अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं। यह केस भारतीय न्याय संहिता की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना), 336 (जालसाजी), 353 (सार्वजनिक उपद्रव फैलाने वाले बयान), 3(5) (साझा इरादा) और 174 (चुनावों में अनुचित प्रभाव डालना) के तहत दर्ज किया गया है।
साथ ही IT एक्ट की धारा 66C (पहचान की चोरी) के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि कथित तौर पर 1 मिनट 17 सेकंड का एक वीडियो सामाजिक अशांति फैलाने के इरादे से शेयर किया गया था। पुलिस ने यह भी कहा कि अधिकारियों के निर्देश के बावजूद कि इस कंटेंट को हटा दिया जाए। लेकिन यह प्लेटफॉर्म पर लगातार फैलता रहा।
IT एक्ट और नियमों के संबंधित प्रावधानों के तहत मध्यस्थ (intermediary) को कानूनी नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें गैर-कानूनी कंटेंट को तुरंत हटाने की मांग की गई है। साइबर ऑपरेशंस विंग ने आदर्श आचार संहिता के अनुरूप इस कंटेंट को और फैलने से रोकने के लिए भी कदम उठाए हैं।
अधिकारियों ने जनता से सावधानी बरतने और बिना जांचे-परखे या गुमराह करने वाले कंटेंट को शेयर करने से बचने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को बाधित करने या प्रभावित करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केरल में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 9 अप्रैल को होगा। जबकि परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। केरल में एक ही चरण में चुनाव होंगे।