Lok Sabha Elections 2024: पंजाब में BJP अकेले लड़ेगी लोकसभा चुनाव, अकाली दल से नहीं बनी बात

Lok Sabha Elections 2024: पंजाब बीजेपी प्रुख सुनील जाखड़ ने अकाली दल के साथ गठबंधन की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों नेबताया कि अकाली दल और बीजेपी राज्य में सीट बंटवारे पर आम सहमति तक पहुंचने में असमर्थ रहे। दोनों में सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद था, क्योंकि अकाली दल ने 9 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा था

अपडेटेड Mar 26, 2024 पर 12:16 PM
Lok Sabha Elections 2024: पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 1 जून को मतदान होगा

Lok Sabha Elections 2024: भारतीय जनता पार्टी (BJP) पंजाब में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी। पार्टी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के साथ गठबंधन नहीं करेगी। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ (Sunil Jakhar) ने मंगलवार (26 मार्च) को इसका ऐलान करते हुए कहा कि बीजेपी पंजाब में लोकसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। यह घोषणा शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी में संसदीय चुनाव के लिए फिर से गठबंधन करने संबंधी बातचीत की अटकलों के बीच की गई है।

पंजाब में 13 लोकसभा सीटों के लिए मतदान 4 चरणों के चुनाव के अंतिम चरण में यानी 1 जून को होगा। जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "BJP पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने जा रही है।" उन्होंने कहा कि BJP ने लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक के बाद यह फैसला लिया है।

जाखड़ ने अपने वीडियो संदेश में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी द्वारा किए काम किसी से छिपे नहीं हैं।" BJP नेता ने यह भी दावा किया कि पिछले 10 साल में किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी गई है।


जाखड़ ने X पर अपने पोस्ट में कहा, ''यह फैसला राज्य में लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर लिया गया। यह फैसला किसानों और व्यापारियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए लिया गया।''

पंजाब बीजेपी प्रमुख ने आगे कहा, "करतारपुर कॉरिडोर, जिसके लिए लोग दशकों से अनुरोध कर रहे थे, वह भी वाहेगुरु के आशीर्वाद के कारण पीएम मोदी के तहत संभव हुआ।" उन्होंने सीमावर्ती राज्य में शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन से इनकार किया।

अकाली से नहीं करेगी गठबंधन

सुनील जाखड़ ने अकाली दल के साथ गठबंधन की किसी भी संभावना से इनकार कर दिया है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि अकाली दल और बीजेपी राज्य में सीट बंटवारे पर आम सहमति तक पहुंचने में असमर्थ रहे।

दोनों में सीटों के बंटवारे को लेकर मतभेद था, क्योंकि अकाली दल ने 9 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा था और शेष चार सीटें बीजेपी को देने की पेशकश की थी। हालांकि, बीजेपी ने पीएम मोदी की व्यापक लोकप्रियता को दर्शाते हुए बड़ी हिस्सेदारी मांगी।

बीजेपी को राज्य की 13 लोकसभा सीटों में से 5 पर जीत का भरोसा है। बीजेपी के एक शीर्ष सूत्र ने कहा, "अगर शिरोमणि अकाली दल हमारी शर्तों पर सहमत होता है, तो गठबंधन को अंतिम रूप दिया जाएगा। लेकिन, उन्हें बातचीत की मेज पर आना चाहिए और हमें आश्वस्त करना चाहिए कि हमें पंजाब में लड़ने के लिए 5 सीटें मिलेंगी।"

ये भी पढ़ें- कंगना पर विवादित टिप्पणी कर अपने ही घर में घिरीं सुप्रिया श्रीनेत, महिला आयोग ने भी की कार्रवाई की मांग

SAD अब खत्म हो चुके कृषि कानूनों के विरोध में 2020 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली NDA गठबंधन से बाहर हो गया। 2019 में बीजेपी और अकाली दल ने सीमावर्ती राज्य में दो-दो सीटें जीतीं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।