Lok Sabha Elections 2024: पूर्व सांसद और जम्मू-कश्मीर सरकार के पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह (Lal Singh rejoined the Congress) कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। कठुआ बलात्कार और हत्याकांड मामले में विवादों के केंद्र में रहे लाल सिंह उधमपुर सीट पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को टक्कर देने के लिए लोकसभा चुनाव से कुछ दिन पहले कांग्रेस के खेमे में वापस आ गए हैं। कांग्रेस के जम्मू्-कश्मीर प्रभारी भरत सिंह सोलंकी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वकार रसूल वाणी ने उनका पार्टी में स्वागत किया।
65 वर्षीय नेता 10 साल बाद कांग्रेस में लौट आए हैं। 2004 से उधमपुर का प्रतिनिधित्व करने के बावजूद 2014 का आम चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस द्वारा टिकट देने से इनकार करने के बाद लाल सिंह भगवा दल में चले गए। 2014 में जम्मू-कश्मीर में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने PDP के साथ गठबंधन सरकार बनाई थी, उस वक्त सिंह कैबिनेट मंत्री थे।
लेकिन उन्होंने अप्रैल 2018 में बीजेपी से अपना नाता तोड़ लिया जब उन्हें कठुआ बलात्कार और हत्या के आरोपियों के समर्थन में एक रैली में भाग लेने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की अध्यक्षता वाले मंत्रिमंडल से हटा दिया गया।
पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस दोनों ही खानाबदोश लड़की के बलात्कार और हत्या की सीबीआई जांच की मांग कर रहे रसाना में प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने के लिए लाल सिंह के कड़े आलोचक रहे हैं।
कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में पकड़ रखने वाले सरूरी के मुस्लिम वोटों के विभाजित होने की संभावना है। कांग्रेस नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ बातचीत कर रही है। वह चाहती है कि क्षेत्रीय पार्टी हिंदू बहुल जम्मू क्षेत्र की दो सीटें उसके लिए छोड़ दे।
चौधरी लाल सिंह पहली बार 1996 में 'तिवारी कांग्रेस' के टिकट पर विधायक बने थे। साल 2002 में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने। माना जा रहा है कि वह कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। इसके बाद साल 2004 और 2009 में कठुआ-उधमपुर की सीट से जीत कर लाल सिंह लोकसभा पहुंचे। साल 2014 में कांग्रेस से टिकट न मिलने के चलते उन्होंने पार्टी से नाता तोड़ लिया और फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए।