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Loksabha Election 2024: 1951 से अब तक 48,103 नर्दलीय उम्मीदवारों ने लड़ा लोकसभा चुनाव, केवल 234 ही जीत कर पहुंच पाए संसद

Loksabha Election 2024: 1991 में केवल एक स्वतंत्र उम्मीदवार चुना गया, जो अब तक का सबसे कम है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के आंकड़ों से पता चलता है कि 1991 के चुनावों के बाद से, स्वतंत्र उम्मीदवार सिंगल डिजीट में जीत रहे हैं। 18वीं लोकसभा के लिए शुक्रवार को पहले चरण के मतदान के साथ देश चुनावी मूड में आ गया है। इस बार, पहले दो चरणों में, कुल 1,458 निर्दलीय उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 20, 2024 पर 8:25 PM
Loksabha Election 2024: 1951 से अब तक 48,103 नर्दलीय उम्मीदवारों ने लड़ा लोकसभा चुनाव, केवल 234 ही जीत कर पहुंच पाए संसद
LokSabha Election 2024: 1951 से अब तक 48,103 नर्दलीय उम्मीदवारों ने लड़ा लोकसभा चुनाव

LokSabha Election 2024: 1951 से 2019 के बीच हुए 17 लोकसभा चुनावों में कुल 48,103 निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन केवल 234 ही सदन में पहुंच पाए, जबकि कम से कम 47,163 ने अपनी जमानत गंवा दी। एक निर्दलीय उम्मीदवार वो होता है, जो चुनाव लड़ता है, लेकिन किसी राजनीतिक दल या पार्टी से जुड़ा नहीं होता है। 1957 में चुनी गई दूसरी लोकसभा में सबसे ज्यादा 42 निर्दलीय उम्मीदवार थे। इसके बाद 1951 में पहली लोकसभा में 37 निर्दलीय उम्मीदवार सदन के लिए चुने गए। आखिरी बार चुने हुए निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 1989 में दोहरे अंक में पहुंची थी।

1991 में केवल एक स्वतंत्र उम्मीदवार चुना गया, जो अब तक का सबसे कम है। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के आंकड़ों से पता चलता है कि 1991 के चुनावों के बाद से, स्वतंत्र उम्मीदवार सिंगल डिजीट में जीत रहे हैं। विश्लेषण से यह भी पता चलता है कि हर एक लोकसभा चुनाव में, राष्ट्रीय दलों के उम्मीदवारों ने 60 प्रतिशत से ज्यादा सीटें जीतीं, कुछ बार तो ऊपरी सीमा 90 प्रतिशत तक भी पहुंच गई।

पहले और दूसरे चरण में कितने निर्दलीय

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