Election Commissioners: पूर्व नौकरशाह सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार बने नए चुनाव आयुक्त

Election Commissioners: लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार दोपहर मीडिया को बताया कि नौकरशाह सुखबीर सिंह संधू और ज्ञानेश कुमार को भारत के चुनाव आयोग के शीर्ष पैनल में दो खाली पदों के लिए चुना गया है

अपडेटेड Mar 14, 2024 पर 2:27 PM
Election Commissioners: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक

Election Commissioners: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली समिति ने दो चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए गुरुवार को बैठक की। बैठक के बाद तीन सदस्यीय चयन समिति में विपक्षी सदस्य कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि पूर्व नौकरशाह सुखबीर सिंह संधू (Sukhbir Singh Sandhu) और ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) को नया चुनाव आयुक्त नियुक्त (Election Commissioners) किया गया है। फरवरी में अनूप चंद्र पांडे की रिटायरमेंट और पिछले शनिवार को अरुण गोयल के आश्चर्यजनक इस्तीफे के बाद ये दोनों पद खाली थे।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने शुक्रवार को बताया कि केरल से ज्ञानेश कुमार और पंजाब से सुखबीर सिंह संधू को चुनाव आयुक्त के रूप में चुना गया है। चौधरी मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की सहायता के लिए दो चुनाव आयुक्तों का चयन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले पैनल का हिस्सा थे। चुनाव आयोग आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहा है। बैठक में प्रधानमंत्री और चौधरी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे।

कांग्रेस नेता ने चयन समिति में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया की जगह एक केंद्रीय मंत्री को शामिल करने वाले कानून को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ''CJI को इस समिति में होना चाहिए था।'' उन्होंने कहा कि पिछले साल लाए गए कानून ने बैठक को महज एक ''औपचारिकता'' तक सीमित कर दिया है। पैनल में सरकार बहुमत में है। वे जो चाहते हैं वही होता है।"


6 नामों पर हुई चर्चा

चौधरी ने कहा कि चयन समिति ने 6 नाम प्रस्तुत किए थे। इनमें उत्पल कुमार सिंह, प्रदीप कुमार त्रिपाठी, ज्ञानेश कुमार, इंदीवर पांडे, सुखबीर सिंह संधु और गंगाधर राहत के नाम शामिल थे। ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधु का चयन निर्वाचन आयुक्त के रूप में किया गया है।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने दो नामों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को बैठक की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और चौधरी भी समिति की बैठक में मौजूद थे। चौधरी ने कहा कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को चुनाव आयुक्तों की चयन समिति का हिस्सा होना चाहिए था।

चयन समिति की सिफारिश के आधार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू निर्वाचन आयोग के दो सदस्यों की नियुक्ति करेंगी। एक बार नियुक्तियां अधिसूचित हो जाने के बाद नए कानून के तहत की जाने वाली ये पहली नियुक्तियां होंगी।

इससे पहले, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की अध्यक्षता में गठित सर्च कमेटी ने इन पदों को भरने के लिए बुधवार को छह उम्मीदवारों की एक सूची तैयार की थी। कानून तीन-सदस्यीय चयन समिति को ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करने की शक्ति भी देता है जिसे चयन समिति ने 'शॉर्टलिस्ट' नहीं किया है।

8 मार्च से खाली थे पद

अनूप चंद्र पांडे की 14 फरवरी को रिटायरमेंट और 8 मार्च को अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे से दोनों पद खाली हुईं। गोयल का इस्तीफा 9 मार्च को अधिसूचित किया गया था। खाली पदों के कारण निर्वाचन आयोग में अभी केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार हैं।

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति पर नया कानून हाल में लागू होने से पहले, निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती थी। परंपरा के अनुसार, सबसे वरिष्ठ को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में नियुक्त किया जाता था।

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