Chunavi Chaupal: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। बीजेपी अपने फुल चुनावी में मोड में आ चुकी है। ये पार्टी तो वैसे भी12 महीने चुनाव वाले मूड में ही रहती है, लेकिन अब एक्टिवनेस भी दिख रही है। हम ऐसा क्यों कह रहा हैं, वो भी जान लीजिए। गुरुवार रात करीब 10 बजे भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली हेडक्वार्टर में केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बड़ी बैठक शुरू हुई। बड़ी बैठक इसलिए, क्योंकि इसमें PM मोदी, BJP अध्यक्ष जे पी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता जो थे। लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने के लिए ये बैठक बुलाई। सोचिए कि ये बैठक कितनी देर चली होगी या कितने बजे तक चली होगी। एक घंटा या दो घंटा? नहीं ये बैठक रात 10 बजे शुरू हुई और सुबह करीब 3 बजे से 3.30 बजे खत्म हुई। इतनी लंबी बैठक हुई है, तो जाहिर है निचोड़ भी कुछ ऐसा निकला होगा। इस मीटिंग से क्या कुछ सामने आया, अब एक नजर उस पर डालते हैं।
सबसे बड़ी खबर यही है कि बीजेपी अब जल्द ही अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। पार्टी ने बैठक में 17 राज्यों की लोकसभा सीटों पर चर्चा की और 155 से ज्यादा सीटों के लिए नामों को अंतिम रूप दिया। सूत्रों की मानें, तो शुरुआती लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत ज्यादातर शीर्ष नेताओं के नाम होंगे।
इन खबरों के बीच दो नेताओं के नामों की चर्चा भी खूब रही है और वे दो नेता कौन हैं, एक हैं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और दूसरी हैं राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे। सूत्रों ने बताया कि पार्टी शिवराज सिंह चौहान को उनके त्याग के बदले तोहफा देने वाली है, त्याग तो आपको मालूम ही होगा। पार्टी ने राज्य में विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया। तोहफे में पार्टी अब उन्हें विदिशा सीट से लोकसभा चुनाव लड़वा सकती है। ये वही सीट है, जहां से बीजेपी की दिवंगत नेता सुषमा स्वराज ने कई बार चुनाव लड़ा और जीता भी।
वहीं अगर वसुंधरा राजे की बात करें, तो लगता है कि शायद पार्टी उनसे अब भी नाराज है, क्योंकि पार्टी ने वसुंधरा को चुनाव नहीं लड़ने के लिए कहा है। पहली लिस्ट में नितिन गडकरी को नागपुर, अमित शाह को गांधी नगर और अमेठी से स्मृति ईरानी को टिकट दिया जाएगा।
UP के लिए क्या है BJP का प्लान?
पार्टी ने एक योजना ये भी बनाई है कि चुनाव की तारीखों का ऐलान होने से पहले वो उत्तर प्रदेश में "कमजोर सीटों" पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दे, ताकि तैयारी का ज्यादा समय मिल जाए। ठीक ऐसा ही बीजेपी ने पिछला साल हुए विधानसभा चुनाव में भी किया था।
उत्तर प्रदेश में, BJP सभी 80 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी और कुछ सीटें राष्ट्रीय लोक दल (RLD) जैसे अपने दूसरे साथियों के लिए रखेगी। चुनाव को लेकर इस बैठक में यूपी की 56 सीटों को अंतिम रूप दिया गया है। सूत्रों की मानें, तो पार्टी यूपी की 74 सीटों पर लड़ेगी, जबकि 6 सीट साथी दलों को देगी। सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा कुछ इस तरह से हुआ है- निषाद पार्टी को एक सीट, राष्ट्रीय लोक दल को दो सीट, अपना दल को दो सीट और एक सीट पर ओम प्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी को मिलेगी।
हालांकि, देश की राजधानी दिल्ली में बहुत बड़ा बदलाव देखने मिल सकता है, क्योंकि BJP सात में से चार सीटों पर नए लोगों को मैदान में उतारने की योजना बना रही है। इसी तरह BJP हैदराबाद सीट पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ किसी हिंदू महिला उम्मीदवार को मैदान में उतारना चाहती है। इस बैठक में असम की सभी 11 सीटों पर भी चर्चा हुई। खबर है कि केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल डिब्रूगढ़ से चुनाव लड़ सकते हैं, जबकि राज्य मंत्री रामेश्वर तेली को राज्यसभा भेजा जा सकता है।