Lok Sabha Elections 2024: कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद अभिजीत गंगोपाध्याय (Abhijit Gangopadhyay) बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। हाई कोर्ट के न्यायाधीश पद से इस्तीफा देने के कुछ घंटों बाद गंगोपाध्याय ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह BJP में शामिल होंगे। गंगोपाध्याय ने भाजपा में शामिल होने के बाद कहा, "आज मैंने एक नए क्षेत्र में कदम रखा है। मैं BJP में शामिल होकर खुश हूं और पार्टी के सिपाही के तौर पर काम करूंगा। हमारा मकसद राज्य से भ्रष्ट तृणमूल कांग्रेस (TMC) शासन को बाहर करना है।"
उनका साल्ट लेक में BJP कार्यालय में भव्य स्वागत किया गया और पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने उन्हें पार्टी का झंडा सौंपा।
भाजपा नेता और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "पश्चिम बंगाल की राजनीति को अभिजीत गंगोपाध्याय जैसे व्यक्ति की जरूरत है।"
जस्टिस गंगोपाध्याय अगस्त 2024 में रिटायर होने वाले थे। हालांकि, इस्तीफा देकर किसी राजनीतिक दल में शामिल होने वाले वह पहले हाई कोर्ट के जज बन गए हैं।
BJP के टिकट पर लड़ेंगे लोकसभा चुनाव
उन्होंने मंगलवार सुबह अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा, जिसकी कॉपी भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और कलकत्ता हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस शिवगणनम को भेजीं।
ऐसी अटकलें हैं कि अभिजीत गंगोपाध्याय को बीजेपी लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में पश्चिम बंगाल की तमलुक संसदीय सीट से मैदान में उतारेगी। यह लोकसभा क्षेत्र सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहा है। पार्टी ने 2009 के लोकसभा चुनावों के बाद से इस पर कब्जा बरकरार रखा है।
जस्टिस गंगोपाध्याय मई 2018 से कलकत्ता हाई कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान कई विवादों में शामिल रहे हैं। उन्होंने बड़ी बेंच के आदेशों की अवहेलना की, वकीलों और पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पार्टी के साथ तनाव में भी शामिल रहे।
इतना ही नहीं हाई कोर्ट के एक साथी जस्टिस के साथ भी उनका विवाद रहा। साथ ही जिस मामले की वह सुनवाई कर रहे थे, उस पर एक टीवी चैनल को इंटरव्यू भी दिया। ममता बनर्जी शासित राज्य में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनके फैसलों ने राजनीतिक बहस भी छेड़ दी थी।