Lok Sabha Elections: BJP को मात देने के लिए अपनी 'NYAY' स्कीम में बदलाव कर रही कांग्रेस, महिलाओं के लिए बड़े ऐलान की उम्मीद

Lok Sabha Elections: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर चुकी है। आज ही दोनों पार्टियों ने सीट बंटवारे पर मुहर लगा कर गठबंधन का ऐलान कर दिया है। तय हुआ है कि कांग्रेस UP की 17 लोकसभा सीटों पर ताल ठोकेगी, जबिक बाकी बची 63 सीटों पर सपा और दूसरे सहयोगी अपने उम्मीदवार उतारेंगे

अपडेटेड Feb 21, 2024 पर 10:29 PM
Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस ने अपनी न्यूनतम आय गारंटी योजना को बेहतर बनाया है (REUTERS)

Lok Sabha Elections: कांग्रेस (Congress) ने बीजेपी की महिला समर्थक नीतियों का मुकाबला करने के लिए महिलाओं पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है। देश की सबसे पुरानी पार्टी ने अपनी न्यूनतम आय गारंटी योजना (Minimum Income Guarantee Scheme) को बेहतर बनाया है और इस साल अप्रैल-मई के आसपास लोकसभा चुनावों में वो महिला मतदाताओं के बीच इसे लेकर जाने वाली है। विपक्षी I.N.D.I.A. की में अग्रणी पार्टी न्यूनतम आय योजना (NYAY) को लागू करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श कर रही है।

कांग्रेस डेटा एनालिटिक्स प्रमुख प्रवीण चक्रवर्ती ने Moneycontrol को बताया, “2024 के लिए, NYAY योजना अलग, बहुत विस्तारित और समग्र होगी। इस योजना में सामाजिक न्याय, अर्थव्यवस्था और रोजगार पर बहुत ज्यादा ध्यान देने के साथ और भी कई फैक्टर शामिल हैं।”

कांग्रेस की योजना है कि अगर वह सत्ता में आई, तो देश भर में महिलाओं को कम से कम 60,000-70,000 रुपए सालाना दिए जाएंगे, पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने 28 दिसंबर को नागपुर में ये घोषणा की थी।


इस योजना की पहली बार घोषणा तत्कालीन कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 2019 में 25 मार्च को की थी, जिसमें गरीब वर्ग के 20 प्रतिशत परिवारों को सालाना 72,000 रुपए देने का वादा किया गया था, जिससे लगभग 25 करोड़ लोगों को लाभ होगा।

कांग्रेस अलग-अलग बैकग्राउंट वाले एक्सपर्ट्स से बात कर रही है और अपने चुनावी घोषणापत्र को तैयार करने के लिए उनके सुझाव मांग रही है। ये घोषणा पत्र 15 फरवरी तक तैयार होने वाला है।

नए मतदाताओं पर फोकस

पार्टी का मुख्य फोकस पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं पर है, जो चक्रवर्ती के अनुसार, हमेशा भारतीय राजनीति से असंतुष्ट रहते हैं। उन्होंने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में युवा नई राजनीति, विचारों की राजनीति और आकांक्षाओं की राजनीति की उम्मीद रखते हैं। इसलिए चुनाव में उनका समर्थन हासिल करना हर राजनीतिक दल के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।

चक्रवर्ती ने कहा, “आज युवाओं का एक बड़ा वर्ग मल्टीनेशनल रेस्टोरेंट एग्रीगेटर्स और दूसरे प्लेटफार्मों के साथ काम करने वाले गिग वर्कर हैं। देशभर में ऐसे लोगों की संख्या एक करोड़ से ज्यादा है। ये एक नई अर्थव्यवस्था है और कांग्रेस उन्हें प्रोफेशनल गिग वर्कर्स के रूप में देखती है।”

उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुखर्जी नगर या दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ राहुल गांधी की बातचीत उनकी चिंता को समझने के लिए पार्टी के आउटरीच अभियान का हिस्सा थी। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार का ध्यान Zomato, Swiggy डिलीवरी एजेंटों पर भी बराबर केंद्रित है।

14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान, राहुल को नागालैंड, असम और झारखंड जैसे राज्यों में छात्रों के साथ बातचीत करते देखा गया और उन्होंने दूसरे राज्यों में भी उनके साथ बैठके शेड्यूल की हैं।

कल्याणकारी योजनाओं का असर

कांग्रेस डेटा प्रमुख ने कहा, समय के साथ, पार्टी की कल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण भारत में लोकप्रियता हासिल कर रही हैं, लेकिन शहरों में समर्थन की कमी है।

प्रवीण चक्रवर्ती ने कहा, “शहरी इलाकों में लोग इच्छा और आकांक्षा वाले हैं। वे देखना चाहते हैं कि सरकार उनके जीवन को कैसे बदल सकती है और वे कल्याणकारी योजनाओं पर निर्भर नहीं रहते हैं। हमने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हाल ही में हुए चुनावों से सबक सीखा है, जहां ग्रामीण इलाकों में हमारा प्रदर्शन बेहतर था और शहरी इलाकों में सुस्त।”

उन्होंने आगे कहा कि... और इस अंतर को दूर करने के लिए कांग्रेस नेता अलग-अलग शहरों में लोगों से मिल रहे हैं। ज्यादातर लोगों ने नौकरियों और स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में बात की है।

इस बार कितनी सीटों पर मुकाबला

2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने पहली बार 423 उम्मीदवार उतारे थे और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने 545 सदस्यों वाली लोकसभा के लिए 437 उम्मीदवारों की घोषणा की थी।

चक्रवर्ती ने कहा कि अब 26 दलों के साथ गठबंधन है और यह संख्या निश्चित रूप से काफी हद तक कम हो जाएगी, क्योंकि गठबंधन सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत चल रही है, इसलिए अंतिम संख्या फरवरी के आखिर तक तय की जाएगी।

हालांकि, सूत्रों ने कहा कि पार्टी अपने रणनीतिक कदम के तहत देश भर में 255 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। 2019 में, पार्टी ने 52 सीटें जीती थीं, लेकिन विपक्ष के नेता पद का दावा करने के लिए जरूरी 10 प्रतिशत सीटें हासिल करने में विफल रही।

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