Lok Sabha Elections 2024: पहले चरण की 17 सीटों पर टिकी सबकी नजरें, इन VIP नेताओं की किस्मत दांव पर
LokSabha Elections Phase 1: पहले चरण के चुनाव में कई दिग्गज नेताओं की साख भी दांव पर होगी। इनमें 8 केंद्रीय मंत्री, 2 पूर्व मुख्यमंत्री और 1 राज्यपाल भी शामिल हैं। इसके अलावा कई नए और दलबदलू नेताओं की किस्मत का फैसला भी होगा। यहां आपको 18 ऐसी ही लोकसभा सीटों के बारे में बता रहे हैं, जिनमें पहले चरण के दौरान दिलचस्प चुनाव लड़ाई देखने को मिल रहा है-
LokSabha Elections Phase 1: Elon Musk पहले चरणके दौरान कुल 102 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे
LokSabha Elections Phase 1: देश में लोकसभा चुनावों के लिए कल 19 अप्रैल से मतदान शुरू हो रहा है। यह पहले चरण का मतदान है, जिसमें कुल 102 लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। ये सीटें 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हैं। पहले चरण के दौरान जिन 21 राज्यों में वोट डाले जाएंगे उनमें अरुणाचल प्रदेश (2), असम (5), बिहार (4), छत्तीसगढ़ (1), मध्य प्रदेश (6), महाराष्ट्र (5), मणिपुर (2), मेघालय सहित 21 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करेगा। (2), मिजोरम (1), नागालैंड (1), राजस्थान (12), सिक्किम (1), तमिलनाडु (39), त्रिपुरा (1), उत्तर प्रदेश (8), उत्तराखंड (5), पश्चिम बंगाल (3) ), अंडमान और निकोबार (1), जम्मू-कश्मीर (1), लक्षद्वीप (1) और पुडुचेरी (1) शामिल हैं।
इस बार लोकसभा चुनाव 7 चरणों में हो रहे हैं, जो 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक चलेगा। वहीं वोटों की गिनती 4 जून को होगी। पूरी चुनाव प्रक्रिया करीब 44 दिन चलेगी।
19 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव में कई दिग्गज नेताओं की साख भी दांव पर होगी। इनमें 8 केंद्रीय मंत्री, 3 पूर्व मुख्यमंत्री और 1 राज्यपाल भी शामिल हैं। इसके अलावा कई नए और दलबदलू नेताओं की किस्मत का फैसला भी होगा। यहां आपको 17 ऐसी ही लोकसभा सीटों के बारे में बता रहे हैं, जिनमें पहले चरण के दौरान दिलचस्प चुनाव लड़ाई देखने को मिल रहा है-
1. कोयंबटूर लोकसभा (तमिलनाडु)
इस सीट पर तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष, के अन्नामलाई का मुकाबला DMK के उम्मीदवार गणपति पी राजकुमार और AIDMK के सिंगाई रामचंद्रन से है। अन्नामलाई भाजपा के स्टार उम्मीदवार है और वह पिछले काफी समय से इस राज्य में बीजेपी की पैठ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी रैलियों में आ रही भीड़ ने इस लोकसभा सीट को हॉट सीट में बदल दिया है। फिलहाल इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय बताया जा रहा है। हालांकि बीजेपी कोयंबटूर में अपनी संभावनाएं देख रही है। साल 1999 में बीजेपी ने एक बार इस सीट को जीता भी था।
2. चेन्नई (तमिलनाडु)
चेन्नई को तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK का गढ़ माना जाता है। चेन्नई में 3 सीटे हैं- चेन्नई दक्षिण, चेन्नई मध्य और चेन्नई उत्तर। इन सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। हालांकि इस बार DMK को चुनाव में कड़ा मुकाबला मिलने की उम्मीद की जा रही है। साउथ चेन्नई में आई बाढ़ के दौरान मिसमैनजमेंट को लेकर कई लोगों ने DMK से नाराजगी जताई है। ADMK और बीजेपी के उम्मीदवार इन मुद्दों को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं।
3. पीलीभीत लोकसभा (उत्तर प्रदेश)
पहले चरण के मतदान में सबसे दिलचस्प मुकाबला पीलीभीत में देखने को मिल सकता है, जहां BJP ने कभी राहुल गांधी के करीबी सहयोगी रहे जितिन प्रसाद को मैदान में उतारा है। खास बात यह है कि बीजेपी ने वरुण गांधी का टिकट काटकर जितिन प्रसाद को लड़ाई में उतारा है। टिकट कटने के बाद से वरुण गांधी चुप है, लेकिन चुप्पी भी चुनाव नतीजों पर असर डाल सकती है। जितिन प्रसाद को इस सीट पर इंडिया गठबंधन से सपा के भगवत सरण गंगवार और बसपा के अनीस अहमद खान से चुनौती मिल रही है।
4. कूच बिहार लोकसभा (पश्चिम बंगाल)
इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी निशीत प्रमाणिक और तृणमूल के जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया के बीच है। पिछले लोकसभा चुनाव में प्रमाणिक ने 50,000 से अधिक वोटों से जीत हासिल की थी। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों ने 4 अप्रैल को इस लोकसभा सीट का दौरा किया था और अपने उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाया। दोनों पार्टियां राजबंशी समुदाय के वोटरों को भी लुभाने की कोशिश कर रही हैं, जिनकी इस सीट पर करीब 40 प्रतिशत आबादी हैं।
5. छिंदवाड़ा लोकसभा (मध्य प्रदेश)
इस लोकसभा सीट को कांग्रेस के दिग्गज नेता कमल नाथ का गढ़ माना जाता है। हालांकि इस चुनाव में उनकी विरासत दांव पर होगी। कांग्रेस ने उनके बेटे नकुल नाथ को दोबारा उम्मीदवार बनाया है। 2019 के चुनाव के दौरान पूरे मध्यप्रदेश में छिंदवाड़ा इकलौती सीट थी, जिसपर कांग्रेस को सीट जीत मिली थी। बीजेपी ने इस सीट से विवेक 'बंटी' साहू को मैदान में उतारा है। साहू पहले विधानसभा चुनाव में कमल नाथ से हार गए थे।
6. नागपुर लोकसभा (महाराष्ट्र)
इस सीट से बीजेपी के सीनियर नेता ओर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मैदान में है। उनका मुकाबला कांग्रेस के विकास ठाकरे है। गडकरी ने नागपुर को बीजेपी का गढ़ बना दिया है। पिछले चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार नाना पटोले को 2,16,000 वोटों के अंतर से हराकर सीट बरकरार रखी थी। इस बार नितिन गडकरी इस सीट से तीसरा चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने दावा किया है कि वह 5 लाख वोटों से चुनाव जीतेंगे।
7. रामपुर लोकसभा (उत्तर प्रदेश)
पश्चिम यूपी की हॉट सीटों में से एक रामपुर लोकसभा सीट है। इसे जेल में बंद सपा नेता आजम खान का गढ़ माना जाता है। समाजवादी पार्टी ने इस बार उनके करीबी सहयोगी और दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एक मस्जिद के मौलवी मोहिबुल्लाह नदवी को उम्मीदवार बनाया है।
8. मुजफ्फरनगर लोकसभा (उत्तर प्रदेश)
पश्चिम यूपी में आने वाली इस संसदीय सीट को इसके जटिल जातीय समीकरणों के लिए जाना जाता है। केंद्रीय मंत्री संजीव बलियान लगातार तीसरी बार इस सीट से उम्मीदवार है। उनका मुकाबला समाजवादी पार्टी के हरेंद्र मलिक और बसपा प्रत्याशी दारा सिंह प्रजापति से है। त्रिकोणीय चुनावी लड़ाई देखी जा रही है।
9. अलवर लोकसभा (राजस्थान)
अलवर में शायद राजस्थान का सबसे दिलचस्प चुनावी लड़ाई देखी जा रही है। यहां इस बार 'यादव बनाम यादव' की लड़ाई है। भाजपा के दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव का मुकाबला कांग्रेस के युवा नेता और मौजूदा विधायक ललित यादव से है। भूपेन्द्र यादव को पीएम मोदी का करीबी माना जाता है।
10. गया लोकसभा (बिहार)
इस सीट से बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और 'हम' पार्टी के नेता जीतन राम मांझी उम्मीदवार है। उनका मुकाबला राजद के कुमार सर्वजीत से है। मांझी की पार्टी बीजेपी के अगुआई वाली एनडीए का हिस्सा हैं। वहीं सर्वजीत की पार्टी कांग्रेस के अगुआई वाले इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। मांझी इससे पहले तीन बार गया लोकसभा से चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन तीनों ही बार वो हार गए थे।
11. नीलगिरी लोकसभा (तमिलनाडु)
यहां से डीएमके के मौजूदा सांसद और पूर्व टेलीकॉम मंत्री ए राजा उम्मीदवार है। उनका मुकाबला बीजेपी के एल मुरुगन से होगा, जो केंद्रीय मत्स्य पालन राज्य मंत्री हैं। मुरुगन पहली बार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी ने इसे पहले उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया था।
12. उधमपुर लोकसभा (जम्मू-कश्मीर)
पहले चरण के चुनाव में जम्मू-कश्मीर की सिर्फ एक सीट उधमपुर में मतदान होने हैं। आर्टिकल 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू-कश्मीर में यह पहला बड़ा चुनाव है। इन चुनावों से विधानसभा चुनावों के लिए भी माहौल तैयार होगा। इस सीट से केंद्रीय मंत्री और मौजूदा सांसद जितेंद्र सिंह उम्मीदवार है और उनका मुकाबला कांग्रेस के दो बार के पूर्व लोकसभा सांसद चौधरी लाल सिंह से होगा। गुलाम नबी आजाद की डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी ने इस सीट से जीएम सरूरी को मैदान में उतारा है।
13. अरुणाचल पश्चिम लोकसभा (अरुणाचल प्रदेश)
इस सीट से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू चुनाव लड़ रहे हैं। साल 2004 से वह लगातार तीन बार इस सीट से सांसद चुने गए हैं। बीजेपी ने उन्हें एक बार फिर से मैदान में उतारा है। रिजिजू का मुख्य मुकाबला राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष नबाम तुकी से है।
14. डिब्रूगढ़ लोकसभा (असम)
बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल को इस सीट से उम्मीदवार बनाया है। उन्हें केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली को टिकट काटकर उम्मीदवार बनाया गया है। असम विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी ने सोनोवाल को हटाकर हिमंता विसवा सरमा को राज्य को नया सीएम बनाया था। वहीं सोनोवाल को पार्टी ने राज्यसभा में भेजा था।
15. पश्चिमी त्रिपुरा लोकसभा (त्रिपुरा)
इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आशीष कुमार साहा के बीच हाई-वोल्टेज टक्कर देखने को मिल रही है।
16. जोरहाट लोकसभा (असम)
पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई इस बार जोरहाट सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने पिछले दो लोकसभा चुनाव कलियाबोर लोकसभा सीट से जीता था। उनका मुकाबला 2019 में जीते बीजेपी के टोपोन कुमार गोगोई से है।
17. थूथुकुडी लोकसभा (तमिलनाडु)
डीएमके की उप महासचिव और करुणानिधि की बेटी कनिमोझी इस लोकसभा सीट से एक बार फिर चुनाव लड़ रही हैं। उनके मुकाबले AIDMK ने आर शिवसामी वेलुमणि को उम्मीदवार बनाया है। वहीं TMC से इस सीट पर एसडीआर विजयसीलन मैदान में हैं।