Loksabha Election 2024: कांग्रेस (Congress) सबसे लंबे समय तक सत्ता में रही है और देश की सबसे पुरानी पार्टी है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि पार्टी इस बार के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) में अपने चुनावी इतिहास में सबसे कम सीटों पर लड़ेगी। 2014 में पार्टी को लोकसभा चुनाव में अपने चुनावी इतिहास में सबस कम केवल 44 सीटें मिलीं। पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में 350 से भी कम सीटों पर चुनाव लड़ेगी। कांग्रेस अब तक 266 लोकसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पार्टी 2024 के लोकसभा चुनाव में कुल 330 से 340 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। अगर ऐसा हुआ तो पहली बार कांग्रेस 400 से कम लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
कांग्रेस (Congress) ने अब तक सबसे कम सीटों पर 2004 में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) लड़ा था, जब पार्टी ने महज 417 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके बाद पार्टी ने 2009 के लोकसभा चुनाव में 440 उम्मीदवार, 2014 के लोकसभा चुनाव में 463 उम्मीदवार और 2019 के लोकसभा चुनाव में 421 उम्मीदवार उतारे थे।
पिछले 17 लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा उम्मीदवार 1996 के लोकसभा चुनाव में उतारे थे, जब कांग्रेस ने 529 उम्मीदवार उतारे थे।
कांग्रेस सबसे कम सीटों पर चुनाव क्यों लड़ रही है?
2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कम सीटों पर चुनाव लड़ने का सबसे बड़ा कारण यह है कि पार्टी विपक्षी गुट- I.N.D.I.A. की एक प्रमुख सदस्य है। कई राज्यों में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस पिछले चुनाव के मुकाबले कम सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ रही है।
उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने पिछली बार UPA गठबंधन के तहत 67 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार पार्टी सिर्फ 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, यानी 50 सीटें कम। इसी तरह बंगाल में कांग्रेस पार्टी ने पिछली बार 41 लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इस बार कांग्रेस करीब 20 लोकसभा सीटों पर ही अपने उम्मीदवार उतार रही है।
कांग्रेस के सामने अब ये चुनौती
इसके अलावा कांग्रेस दिल्ली में पिछले चुनाव के मुकाबले चार कम सीटों, गुजरात में दो कम सीटों और राजस्थान में पिछले चुनाव के मुकाबले तीन कम सीटों पर चुनाव लड़ रही है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस 2024 में पिछले चुनाव के मुकाबले एक सीट कम पर चुनाव लड़ रही है।
जम्मू-कश्मीर में इस बार कांग्रेस ने पिछले लोकसभा चुनाव के मुकाबले दो सीटों पर कम उम्मीदवार उतारे हैं। पिछली बार कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर की पांच में से चार लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था।
अब तक कांग्रेस कुल 278 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। कम सीटों पर चुनाव लड़ने के कारण कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ अपना वोट प्रतिशत भी बढ़ाना होगा।