Loksabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से जुड़े कई रोचक किस्सें आपने सुने होंगे, लेकिन आज हम आपको झांसी-ललितपुर लोकसभा सीट (Jhansi Lok Sabha Seat) के एक अनोखा किस्सा सुनाने जा रहे हैं, जब एक मौजूदा सांसद को हिंदी बोलने की सजा मिली। ये कहानी है कि झांसी के पहले सांसद आचार्य रघुनाथ विनायक धुलेकर (Raghunath Vinayak Dhulekar) की। रघुनाथ धुलेकर 1952 से 1957 तक झांसी के सांसद रहे, लेकिन, पंडित जवाहरलाल नेहरू से अनबन के चलते, उन्हें दोबारा टिकट नहीं मिला। राजनीति के जानकार बताते हैं कि रघुनाथ धुलेकर को हिंदी बोलने और हिंदी की पैरवी करने की सजा मिली थी।
