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Baghpat Lok Sabha Polls: बागपत में क्या BJP की लगेगी हैट्रिक? मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने दी थी इन दिग्गजों को पटखनी

Baghpat Lok Sabha Polls: बागपत सीट पर पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह के परिवार का कब्जा रहा है। हालांकि पिछले दो चुनावों के रिजल्ट को देखें तो इस सीट पर बीजेपी के सांसद सत्यपाल सिंह ने जीत दर्ज की है। सत्यपाल सिंह IPS अधिकारी थे और मुंबई के कमिश्नर रह चुके हैं

Jitendra Singhअपडेटेड Apr 15, 2024 पर 4:42 PM
Baghpat Lok Sabha Polls: बागपत में क्या BJP की लगेगी हैट्रिक? मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर ने दी थी इन दिग्गजों को पटखनी
Loksabha Elections 2024: पश्चिमी उत्तर प्रदेश का बेहद महत्वपूर्ण लोकसभा क्षेत्र बागपत इन दिनों राजनीतिक रूप से बेहद गरमाया हुआ है।

Baghpat Lok Sabha Polls: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और पड़ोसी राज्य हरियाणा की सीमा से सटे बागपत (Baghpat Loksabha) की धरती पर राजनीति हमेशा खास रही है। इसी ऐतिहासिक धरती ने देश को चौधरी चरण सिंह जैसा प्रधानमंत्री दिया। जिनके आदर्शों पर चलने का तमाम राजनीतिक पार्टियां दावा करती हैं। बीजेपी हो, सपा, बसपा, RLD या फिर कांग्रेस, सभी चौधरी साहब को किसान मसीहा के रूप में पूजती हैं। उनके नाम पर वोट बटोरने को कोशिश में जुटी रहती हैं। इस सीट से पिछले दो बार के चुनाव में BJP का कब्जा है। बीजेपी से डॉ. सत्यपाल सांसद हैं। बता दें कि सत्यपाल आईपीएस अधिकारी हैं और मुंबई के पुलिस कमिश्वर रह चुके हैं।

सत्यापल सिंह ने साल साल 2014 के चुनाव में छोटे चौधरी यानी अजित सिंह को हरा दिया था। वहीं साल 2019 के चुनाव में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को हराया था। अब देखना ये है कि जयंत चौधरी इस चुनाव में अपनी पारवारिक सीट को किस तरह से बचा पाएंगे। पिछले चुनाव में जंयत चौधरी और अजित सिंह को करार हार का सामना करना पड़ा था।

बागपत लोकसभा सीट का इतिहास

बागपत लोकसभा सीट 1967 में बनी थी। सबसे पहले जनसंघ ने अपनी जीत दर्ज कराई थी। 1967 में यहां पहली बार हुए लोकसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार आर एस शास्त्री पहले सांसद बने। उन्होंने कांग्रेस के के सी शर्मा को भारी वोटों के अंतर से हराया। इसके बाद कांग्रेस ने यहां अपना परचम लहराया। लेकिन इमरजेंसी के बाद 1977 में आए राजनीतिक भूचाल से किसान नेता और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह उभरकर सामने आए। इसके बाद 1977, 1980 ओर 1984 में लगातार 3 बार लोकसभा चुनाव जीते। यही कारण है कि इस सीट को चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि कहा जाता है।

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