ममता बनर्जी ने पूर्व जज गंगोपाध्याय के BJP में शामिल होने पर निकाली भड़ास, उन्हें 'बीजेपी बाबु' कहा

कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जज अभिजीत गंगोपाध्याय ने 5 मार्च को अपने पद से इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की अपमानजनक टिप्पणियों की वजह से उन्होंने करियर बदलने का फैसला लिया

अपडेटेड Mar 08, 2024 पर 6:14 PM
ममता बनर्जी ने बतौर जज अभिजीत गंगोपाध्याय पर BJP के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया।

कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज अभिजीत गंगोपाध्याय (Abhijit Gangopadhyay) के भाजपा में शामिल होने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने BJP पर तीखा हमला किया है। गंगोपाध्याय ने 7 मार्च को BJP में शामिल होने का ऐलान किया। बनर्जी ने गंगोपाध्याय को 'बीजेपी बाबु' कहा है। कुछ ही दिन पहले गंगोपाध्याय ने जस्टिस के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उनके भाजपा में जाने के कयास लगाए जा रहे थे। उनके भाजपा में शामिल होने पर मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी नाराज दिखी हैं। उन्होंने कहा कि जस्टिस की कुर्सी पर बैठते वक्त बीजेपी बाबु ने ऐलान किया कि वह पार्टी में शामिल होंगे। क्या कोई ऐसे लोगों से न्याय की उम्मीद कर सकता है?

गंगोपाध्याय पर बीजेपी के इशारों पर काम करने का आरोप

बनर्जी ने गंगोपाध्याय पर भाजपा के हित में फैसले देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह रोजाना एक पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (PIL) को मंजूर करते थे और बीजेपी के इशारों पर काम करते थे। हालांकि, बनर्जी ने कहा कि वह जजों पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहती। मुझे इस बात की खुशी है कि आखिकार उनके चेहरे से मुखौटा उतर गया। मुख्यमंत्री ने गंगोपाध्याय पर अपने फैसलों के जरिए राज्यभर में हजारों युवाओं की नौकरियां लेने का भा आरोप लगाया।


लोगों को नौकरियां देने के खिलाफ थे गंगोपाध्याय

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले दिन से हम यह कह रहे थे कि यह व्यक्ति जो बेंच (हाईकोर्ट) में शामिल है वह नहीं चाहता कि लोगों को नौकरियां मिले। अब यह साफ हो गया है...वह हर दिन भाषण देते थे, टीवी चैनलों को इंटरव्यू देते थे। अब मुखौटा उतर गया है और असली चेहरा सामने आ गया है। अब वह बीजेपी बाबु हैं।

राज्य के युवा कभी गंगोपाध्याय को माफ नहीं करेंगे

सरकारी भर्तियों में अनियमितता के आरोपों की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने के गंगोपाध्याय के फैसलों के बारे में बनर्जी ने कहा, "युवा उन्हें माफ नहीं करेंगे। आपके सभी फैसले सवालों के घेरे में हैं...आप चाहे जहां से लोकसभा का चुनाव लड़ लें, हम आपको हराकर रहेंगे।" बनर्जी ने गंगोपाध्याय पर अपने भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर लगातार निधाना साधने का आरोप लगाया।

गंगोपाध्याय ने बताई इस्तीफे की वजह

बताया जाता है कि गंगोपाध्याय इस्तीफा देकर एक राजनीतिक पार्टी में शामिल होने वाले हाईकोर्ट के पहले जज हैं। उन्होंने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में कहा कि तृणमूल के लोगों की तरफ से उन्हें अपमानित करने वाली टिप्पणी के चलते उन्हें करियर बदलने का फैसला लेना पड़ा...जब मुझे भारी भ्रष्टाचार का के मामले मिल रहे थे तो मेरी कोशिश न्याय करने की होती थी। उन्होंने कहा कि एजुकेशन में अप्वाइंटमेंट्स, अलग-अलग स्कूलों के शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार के मामले मेरे सामने आ रहे थे।

बीजेपी इकलौती पार्टी जो तृणमूल को हरा सकती है

पिछले साल गंगोपाध्याय ने एक टीवी न्यूज चैनल पर कहा था कि इस आरोप के लिए अभिषेक बनर्जी को तीन महीनों की जेल की सजा होनी चाहिए कि न्यायपालिक का एक वर्ग BJP के साथ मिला हुआ है। गंगोपाध्याय ने 5 मार्च को अपने इस्तीफे के फैसले के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह लोकसभा चुनावों से पहले बीजेपी में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी इकलौती पार्टी है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस को हराने की क्षमता है।

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