Megha Engineering ने कुल डोनेशन का 60% BJP को दिया

मेघा इंजीनिरिंग हैदराबाद की कंस्ट्रक्शन कंपनी है। ऑर्डरबुक के लिहाज से यह एलएंडटी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। देश के 20 राज्य और 2 केंद्रशासित प्रदेशों में इसके प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं

अपडेटेड Mar 22, 2024 पर 4:35 PM
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मेघा इंजीनियरिंग के प्रमोटर हैदराबाद के पीपी रेड्डी हैं। वह खेतीबाड़ी करने वाले परिवार से आते हैं। उन्होंने 1989 में मेघा इंजीनियरिंग की स्थापना की थी।

Megha Engineering and Infrastructure (MEIL) ने अपने कुल डोनेशन का 60 फीसदी BJP को दिया है। यह हैदराबाद की कंपनी है। इसने कुल 966 करोड़ रुपये का डोनेशन राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्डस के जरिए किया है। इलेक्शन कमीशन (ECI) के डेटा से यह जानकारी मिली है। MEIL की सहयोगी कंपनी यूपी पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने भी 250 करोड़ रुपये का चंदा राजनीतिक दलों को दिया है। इसमें से करीब आधा पैसा कांग्रेस को गया है। पहली बार मेघा इंजीनियरिंग का नाम 14 मार्च को सुर्खियों में आया जब ईसीआई ने इलेक्टोरल बॉन्ड्स के डेटा जारी किए। मेघा इंजीनियरिंग सबसे ज्यादा चंदा देने वाली कंपनियों की लिस्ट में शामिल है।

कुल  966 इलेक्टोरल बॉन्ड्स खरीदे थे

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसबीआई ने बॉन्ड्स के अल्फान्यूमेरिक नंबर 21 मार्च को जारी किए। इससे यह मैच कराना मुमकिन हो गया है कि किस कंपनी ने कितना पैसा किस राजनीतिक दल को डोनेशन के रूप में दिया। मनीकंट्रोल ने इन डेटा को मैच कराने के बाद पाया है कि मेघा इंजीनियरिंग ने प्रत्येक 1 करोड़ रुपये के 966 इलेक्टोरल बॉन्ड्स खरीदे थे। इनमें से 584 बॉन्ड्स उसने बीजेपी को दिए। 195 बॉन्ड्स BRS को दिए। 85 बॉन्ड्स उसने डीएमके को दिए। 28 टीडीपी को दिए। 18 कांग्रेस को दिए, 10 बिहार प्रदेश जनता दल को दिए। 4 इलेक्टोरल बॉन्ड्स जनसेना पार्टी को दिए गए।


सहयोगी कंपनी ने 40 करोड़ के बॉन्ड्स खरीदे

MEIL की सब्सिडयरी Evey Trans Private ने प्रत्येक एक करोड़ रुपये के छह बॉन्ड्स खरीदे। ये भी बीआरएस को दिए गए। मेघा इंजीनियरिंग की दूसरी सब्सिडियरी SEPC Power ने प्रत्येक 1 करोड़ रुपये के 40 बॉन्ड्स खरीदे।

देश की दूसरी सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी

मेघा इंजीनियरिंग देश की दूसरी सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है। क्रिसिल के मुताबिक, सितंबर 2023 में मेघा इंजीनियरिंग की ऑर्डरबुक 1.87 लाख करोड़ रुपये की थी। तब देश की सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनी L&T की ऑर्डरबुक 4.5 लाख करोड़ रुपये की थी। मेघा इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट्स 20 राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों में हैं। ये पीने के पानी, सिंचाई, हाईवेज, सुरंग, बंदरगाह, रेलवे और बिजली से जुड़े हैं।

1989 में हुई थी कंपनी की शुरुआत

मेघा इंजीनियरिंग के प्रमोटर हैदराबाद के पीपी रेड्डी हैं। वह खेतीबाड़ी करने वाले परिवार से आते हैं। उन्होंने 1989 में मेघा इंजीनियरिंग की स्थापना की थी। शुरुआत में यह म्युनिसिपल प्रोजेक्ट्स के लिए पाइपलाइन बनाती थी। बाद में इसने सिंचाई और पानी से जुड़े प्रोजेक्ट्स करना शुरू किया। 1990 के दशक में रेड्डी के भतीजे पीवी रेड्डी कंपनी से जुड़ गए।

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