Lok Sabha Election 2024: मतदान से दो दिन पहले 3 धमाकों से दहला मणिपुर, नागालैंड को जोड़ने वाले पुल को IED से उड़ाया

Manipur Lok Sabha Election 2024: सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और आस-पास के इलाकों एवं अन्य पुलों की तलाशी और जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि कांगपोकपी जिले में नेशनल हाईवे-2 पर एक पुल में विस्फोट से पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे क्षेत्र में ट्रैफिक बाधित हो गया

अपडेटेड Apr 24, 2024 पर 1:55 PM
Manipur Lok Sabha Election 2024: घटना रात करीब 1:15 बजे कांगपोकपी जिले के सापोरमीना के करीब हुई (Photo: AP)

Manipur Lok Sabha Election 2024: आउटर मणिपुर के कुछ हिस्सों में दूसरे चरण का मतदान होने से सिर्फ दो दिन पहले मंगलवार (23 अप्रैल) देर रात तीन मध्यम तीव्रता के विस्फोटों ने जातीय हिंसा से प्रभावित कांगपोकपी जिले में एक पुल को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि विस्फोट के कारण कोई घायल या मौत नहीं हुई। लेकिन यह नेशनल हाईवे- 2 पर लोगों की की आवाजाही को प्रभावित करेगा जो इंफाल को नागालैंड में दीमापुर से जोड़ता है। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, घटना रात करीब 1:15 बजे कांगपोकपी जिले के सापोरमीना के करीब हुई। एक अधिकारी ने कहा कि अभी तक किसी भी समूह ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और आस-पास के इलाकों एवं अन्य पुलों की तलाशी और जांच की जा रही है। पुलिस ने पीटीआई को बताया कि कांगपोकपी जिले में नेशनल हाईवे-2 पर एक पुल में विस्फोट से पुल आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे क्षेत्र में ट्रैफिक बाधित हो गया। अधिकारी ने बताया कि IED विस्फोट मंगलवार देर रात सपरमीना और कोउब्रू लेइखा के बीच पुल पर हुआ।

आवाजाही प्रभावित


बता दें कि इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) एक तरह का विस्फोटक है। उन्होंने बताया कि इस विस्फोट में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। अधिकारी ने बताया कि पुल के दोनों छोर पर गड्ढे और दरारें देखी गईं।

मणिपुर की राजधानी इंफाल को नगालैंड के दीमापुर से जोड़ने वाले पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। विस्फोट के कुछ मिनट बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुल की घेराबंदी की। विस्फोट की घटना की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि सुबह कुछ दोपहिया वाहन पुल से गुजरे।

इंफाल पश्चिम जिले में संघर्षरत दो समुदायों के ग्राम स्वयंसेवकों के बीच गोलीबारी के कुछ घंटों बाद पुल पर विस्फोट की यह घटना हुई। मणिपुर में पिछले वर्ष मई में मेइती तथा कुकी जनजातियों के बीच हुए संघर्ष में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।

हिंसा के बीच मतदान

यह ब्लास्ट की घटना मणिपुर में चुनावी उथल-पुथल की पृष्ठभूमि के बीच आया है। 19 अप्रैल को पहले चरण का मतदान गोलीबारी, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) में तोड़फोड़ और विशेष रूप से आंतरिक मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र के कुछ हिस्सों में जबरदस्ती और धमकी के आरोपों से प्रभावित हुआ था। इन गड़बड़ियों के बाद 22 अप्रैल को 11 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान हुआ।

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इंफाल पश्चिम और कांगपोकपी जिले के बीच सीमा पर गोलीबारी की सूचना के बाद तनाव और बढ़ गया। पीटीआई के मुताबिक, कांगपोकपी में ग्रामीण पहाड़ियों से नीचे उतरे जिससे अवांग सेकमाई और पड़ोसी लुवांगसांगोल गांवों में भारी गोलीबारी हुई। ऐसी घटनाओं से चुनावी प्रक्रिया की अखंडता और सुरक्षा के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं।

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