The Kerala Story Row: दूरदर्शन पर 'द केरल स्टोरी' की स्क्रीनिंग को लेकर सियासी घमासान

The Kerala Story Row: केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को एक पत्र लिखकर 'द केरल स्टोरी' फिल्म के प्रसारण के दूरदर्शन के फैसले को वापस लेने का निर्देश देने की मांग की है। पीटीआई के मुताबिक सतीशन ने कहा, ''जैसा कि आप जानते हैं कि 'द केरल स्टोरी' झूठे दावों पर आधारित दुष्प्रचार से भरी फिल्म है

अपडेटेड Apr 05, 2024 पर 6:48 PM
The Kerala Story Row: दूरदर्शन ने 5 अप्रैल को फिल्म का प्रसारण करने की घोषणा की है

The Kerala Story Row: लोकसभा चुनाव 2024 से पहले दूरदर्शन द्वारा विवादास्पद हिंदी फिल्म 'द केरल स्टोरी' के प्रसारण के फैसले पर दक्षिण भारतीय राज्य केरल में राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। ब्रॉडकास्टर के फैसले पर शुक्रवार (5 अप्रैल) को केरल में CPI(M) और कांग्रेस पार्टियों ने कड़ा विरोध जताया। केरल की कांग्रेस इकाई ने 'द केरल स्टोरी' को प्रसारित करने के दूरदर्शन के फैसले के खिलाफ चुनाव आयोग का रुख किया है। कांग्रेस ने कहा कि यह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की चुनावी संभावनाओं को मजबूत बनाने के लिए धार्मिक आधार पर समाज को विभाजित करने का एक 'मौन प्रयास' है।

दूरदर्शन के इस फैसले के बाद केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। दूरदर्शन ने 5 अप्रैल को फिल्म का प्रसारण करने की घोषणा की है। राज्य में सत्तारूढ़ माकपा की युवा शाखा डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) ने फिल्म के प्रसारण के फैसले के खिलाफ कड़ा विरोध जताया। DYFI ने कहा कि वह तिरुवनंतपुरम में दूरदर्शन कार्यालय तक विरोध मार्च निकालेगी।

चुनाव आयोग पहुंचा विपक्ष


केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी. डी. सतीसन ने शुक्रवार को निर्वाचन आयोग को एक पत्र लिखकर 'द केरल स्टोरी' फिल्म के प्रसारण के दूरदर्शन के फैसले को वापस लेने का निर्देश देने की मांग की है। पीटीआई के मुताबिक सतीशन ने कहा, ''जैसा कि आप जानते हैं कि 'द केरल स्टोरी' झूठे दावों पर आधारित दुष्प्रचार से भरी फिल्म है। इसमें राज्य के लोगों की निराशाजनक तस्वीर पेश करने का प्रयास किया गया है। मेरा मानना है कि यह देश को सांप्रदायिक रूप से विभाजित करने के संघ परिवार के जहरीले एजेंडे का हिस्सा है।''

उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले दूरदर्शन के माध्यम से फिल्म प्रसारित करने का केंद्र सरकार का फैसला सत्तारूढ़ बीजेपी की चुनावी संभावनाओं को मजबूती देने के लिए धार्मिक आधार पर समाज को विभाजित करने का एक मौन प्रयास है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''दूरदर्शन का फैसला सीधे तौर पर केरल के लोगों का अपमान है। यह आदर्श चुनाव संहिता का भी उल्लंघन है, जो धार्मिक आधार पर समाज को विभाजित करने के किसी भी प्रयास को रोकता है।''

दूरदर्शन पर भड़के सीएम विजयन

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने दूरदर्शन के फैसले की निंदा की। उन्होंने सार्वजनिक प्रसारक को विवादास्पद फिल्म का प्रसारण रोकने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि फिल्म का प्रसारण लोकसभा चुनाव से पहले केवल 'सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाएगा'। विजयन ने कहा कि राष्ट्रीय समाचार प्रसारक को BJP-RSS गठबंधन की प्रचार मशीन नहीं बनना चाहिए।

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विजयन ने गुरुवार को X पर एक पोस्ट में कहा, ''ध्रुवीकरण को उकसाने वाली फिल्म 'द केरल स्टोरी' को प्रसारित करने का दूरदर्शन का निर्णय बेहद ही निंदनीय है। राष्ट्रीय समाचार प्रसारक को BJP और RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) गठबंधन की प्रचार मशीन नहीं बनना चाहिए और ऐसी फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं होनी चाहिए जो आम चुनाव से पहले सांप्रदायिक तनाव बढ़ा सकती है।'' उन्होंने कहा, ''केरल नफरत फैलाने के ऐसे दुर्भावनापूर्ण प्रयासों का दृढ़ता से विरोध करेगा।''

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