UP Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश में इस बार कैसा होगा चुनावी घमासान? इन बड़े चेहरों और सीट पर रहेंगी सबकी नजरें
Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश को राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है, क्योंकि यह लोकसभा में 80 सांसद भेजता है। चुनावी नजरिए से सबसे बड़ा राज्य राजनीतिक दलों के सबसे ज्यादा फोकस में रहते है और इस बार भी रहेगा, क्योंकि ये एक अकेला राज्य किस के लिए भी गेमचेंजर बनने की ताकत रखता है
Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2024: उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव में इस बार इन बड़े चेहरों पर रहेगी सबकी नजर
Uttar Pradesh Lok Sabha Elections 2024: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) को लेकर देश में हलचल तेज हो गई है। ऐसी में सभी निगाहें इस वक्त उत्तर प्रदेश पर हैं। क्योंकि लोकसभा की सबसे ज्यादा- 80 सीट ही इस प्रदेश में हैं। राज्य को अक्सर देश के राजनीतिक हृदय स्थल के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, देश के नेतृत्व को आकार देने में राज्य के ऐतिहासिक महत्व को भी कम करके आंका नहीं जा सकता है, जिसने भारत को आठ प्रधानमंत्री दिए हैं। उत्तर प्रदेश में कई प्रधान मंत्री बने हैं, जिन्होंने इस राज्य की अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी, चौधरी चरण सिंह, राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चन्द्रशेखर, अटल बिहारी बाजजेई और नरेंद्र मोदी यूपी के जरिए ही केंद्र की सत्ता तक पहुंचे।
सबसे पहले एक नजर डालते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) के नतीजों पर, तो इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 62 सीटें हासिल की। बीजेपी ने यहां 78 सीटों पर चुनाव लड़ा था और दो सीट अपने गठबंधन सहयोगी अपना दल के लिए छोड़ी थीं।
वहीं अगर विपक्षी खेमे पर एक नजर डालें, तो पिछले चुनाव में मायावती बहुजन समाज पार्टी, अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और जयंत चौधरी राष्ट्रीय लोकदल साथ मिल चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन ये तिगड़ी कोई खास कमाल नहीं कर पाई और गठबंधन कुल मिलाकर 15 सीटों पर सिमट गया।
इस में BSP 38 सीटों पर लड़ी और 10 जीती, जबकि सपा 37 सीटों पर लड़ी और महज पांच सीट ही उसके हिस्से में आई। हालांकि, RLD को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जो तीन सीटों पर लड़ी और एक पर भी जीत नहीं मिली।
वहीं अगर मुख्य विपक्ष कांग्रेस की बात की जाए, तो ये अब तक शायद राज्य में उसकी सबसे बुरी शिकस्त होगी। क्योंकि देश की सबसे पुरानी पार्टी ने यूपी की 67 सीटों पर ताल ठोकी थी, लेकिन कामयाबी उसे सिर्फ एक सीट पर मिली।
2019 लोकसभा चुनाव में कैसे रहे नतीजे
पार्टी
सीट
वोट %
बीजेपी
62
49.56%
कांग्रेस
01
6.31%
समाजवादी पार्टी
05
17.96%
बहुजन समाज पार्टी
10
19.26%
राष्ट्रीय लोकदल
0
1.67%
इन बड़े चेहरों और सीटों पर रहेगी सबकी नजर
सभी की निगाहें वाराणसी सीट पर होंगी, जो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र है। इस सीट पर कांग्रेस और BJP के बीच ही मुकाबला देखने को मिलेगा। हाल ही में, कांग्रेस और सपा ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे समझौते की घोषणा की, जिसके तहत कांग्रेस वाराणसी, रायबरेली और अमेठी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
सीट समझौते के तहत, सबसे पुरानी पार्टी 17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी और I.N.D.I.A. ब्लॉक के दूसरे सहयोगी 63 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।
रायबरेली में क्या होगा?
इसके अलावा फिलहाल इंतजार ये भी है कि क्या कांग्रेस के गढ़ रायबरेली और अमेठी को इस बार भी कोई गांधी परिवार का दावेदार मिलेगा या पार्टी किसी दूसरे चेहरे पर दांव लगाएगी।
रायबरेली का संसदीय क्षेत्र पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लगातार पांच बार जीता था। हालांकि, उन्होंने दोबारा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया और अब राजस्थान से राज्यसभा के लिए चुनी गई हैं। उनके इस कदम के बाद से अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनकी बेटी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी इस सीट से अपने चुनावी करियर की शुरुआत कर सकती हैं।
क्या फिर से अमेठी में ताल ठोकेंगे राहुल?
दूसरी तरफ कभी नेहरू-गांधी परिवार का गढ़ रहा अमेठी भी काफी चर्चाओं में है, क्योंकि 2019 में BJP सांसद स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी से ये सीट छीन ली थी। हालांकि, इस बार ये साफ नहीं है कि क्या फिर से राहुल अमेठी के चुनावी मैदान में उतरेंगे या नहीं। BJP ने इस बार भी स्मृति ईरानी पर ही भरोसा जताया है।
राज्य की एक और लखनऊ सीट में उनमें शुमार है, जहां से कोई दिग्गज नेता चुनाव लड़ता है। यहां से देश के मूजदा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोकसभा सदस्य हैं। कभी देश पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी इसी लखनऊ सीट से चुन कर लोकसभा पहुंचे थे। राजनाथ सिंह तीसरा पर इस सीट पर ताल ठोक रहे हैं।