Uttarakhand: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका दे सकते हैं हरक सिंह रावत! पहले ED ने पूछताछ के लिए बुलाया, फिर टली पेशी
Uttarakhand Loksabha Chunav: प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से हरक सिंह रावत और उनकी बहु को 2 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनको ईमेल के जरिए ED ने आने से मना कर दिया। हरक सिंह को मिली इस राहत को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। चर्चा ये है कि हरक सिंह कभी भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं
Uttarakhand: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के झटका दे सकते हैं हरक सिंह रावत
Uttarakhand Loksabha Chunav: उत्तर प्रदेश के पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) से पहले कांग्रेस (Congress) को बड़ा झटका लग सकता है। ये झटका कोई और नहीं बल्की पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) दे सकते हैं। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत के लिए मंगलवार को ED की ओर से अच्छी खबर आई। हरक को दो अप्रैल को ED के सामने पेश होना था, लेकिन ईडी ने फिलहाल अगले आदेश तक उनकी पेशी को टाल दिया। अब हरक सिंह को मिली इस राहत को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। चर्चा ये है कि हरक सिंह कभी भी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।
कभी बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे कद्दावार नेता हरक सिंह कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद से ही परेशानी में हैं। विजलेंस, CBI से लेकर ED तक उनके दरवाजे पर पहुंच चुकी है। हालत ये है कि उनकी बहू अनुकृति गुसांई और करीबी लक्ष्मी राणा भी ED के रडार पर हैं। ED दोनों से भी पूछताछ कर चुकी है।
हरक सिंह को BJP से हरी झंडी मिलने का इंतजार
एक नाटकीय घटनाक्रम के तहत अनुकृति और लक्ष्मी राणा दोनों ही हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा दे चुकी हैं। अनुकृति गुसाईं 2022 में कांग्रेस के टिकट पर लैंसडाउन से चुनाव लड़ी थीं। अटकलें ऐसी भी हैं कि हरक सिंह को भी सिर्फ BJP से हरी झंडी का इंतजार है।
उधर, अपने एक विधायक के इस्तीफे के बाद से सदमें से उभरने की कोशिश कर रही कांग्रेस का कहना है कि राजनीति में कुछ भी हो सकता है।
12 घंटे के भीतर बदल गया कांग्रेस नेता का मन!
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी का कहना है कि चर्चाएं तो मीडिया के जरिए हमने भी सुनी हैं। राजनीति में कुछ भी हो सकता है। बद्रीनाथ से पार्टी विधायक राजेंद्र भंडारी 12 घंटे पहले कांग्रेस उम्मीदवार के साथ भाषण दे रहे थे और 12 घंटे बाद बीजेपी में भी शामिल हो गए।
मथुरा दत्त जोशी ने कहा, "...लेकिन, हरक सिंह की ओर से अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं दिए गए हैं। उन्होंने न ही मीडिया में ऐसा कोई बयान दिया, जिससे लगे कि वो कांग्रेस छोड़ रहे हैं।"
BJP में वापसी की लग गई दरख्वास्त
सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि हरक सिंह की बहू अनुकृति गुसाईं, लक्ष्मी राणा और उनके कई नजदीकी बीजेपी में शामिल होने की दरख्वास्त भी दे चुके हैं, लेकिन, बीजेपी भी सियासी नफा-नुकसान देख रही है। इसलिए उसने अभी तक हरी झंडी नहीं दी है।
बावजूद इसके ठीक लोकसभा चुनाव (Loksabha Election 2024) के बीच हरक सिंह के कांग्रेस से इस्तीफा देना BJP के लिए भी एक सपोर्टिंग हैंड माना जा रहा है।
एक के बाद एक नेताओं के इस्तीफे से कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। हालांकि, क्या हरक सिंह बीजेपी के चक्कर काट रहे हैं? इस सवाल पर बीजेपी नेता भी साफ बोलने से कन्नी काट रहे हैं।
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी का कहना है कि ED एक इंडिपेंडेंट एजेंसी है। वो अपना काम कर रही है, जहां तक हरक सिंह के बीजेपी में शामिल होने का सवाल है, तो मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
कॉर्बेट के पाखरो में टाइगर सफारी के नाम पर हजारों पेड़ काटने और वित्तीय अनियमितताओं के साथ ही मनी लॉड्रिंग के मामले में घेरे में आए हरक सिंह और उनके करीबियों को ED पहले भी नोटिस दे चुकी थी। तब उनकी बहू अनुकृति और लक्ष्मी राणा, तो ईडी के सामने पेश हुईं, लेकिन हरक सिंह पेश नहीं हुए।
हरक सिंह को अब ED ने पूछताछ के लिए दूसरा नोटिस भेजते हुए दो अप्रैल को तलब किया था। इससे पहले की हरक सिंह के अगले कदम के बारे में कुछ पता चल पाता, उससे पहले ही ED ने उनके पेश होने की तारीख को स्थगित कर दिया।