बाजार की चुनौतीपूर्ण स्थितियों, ऊंची महंगाई दर और जियोपॉलिटिकल तनाव के बावजूद भारत की लिस्टेड कंपनियां इस साल भारी मात्रा में बोनस इश्यू का ऐलान कर रही हैं। साल 2022 में अब तक कम से कम 143 कंपनियों ने बोनस इश्यू का ऐलान किया है। ये साल 2006 के बाद का सबसे बड़ा आंकड़ा है। बता दें कि 2006 में 152 कंपनियों ने बोनस इश्यू जारी किए थे। वहीं 2021 में लगभग 120 कंपनियों ने 2019 और 2020 में 72 और 46 कंपनियों ने बोनस इश्यू का ऐलान किया था। ये आंकड़े ACE इक्विटीज द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित हैं।
टैक्स नियमों में बदलाव के पहले बोनस इश्यू में बढ़त
मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि टैक्स नियमों में बदलाव के पहले इस साल बोनस इश्यू में बढ़त देखने को मिली है। सरकार ने बोनस स्ट्रिपिंग की प्रथा की नकेल कसने के लिए फरवरी में आए बजट में इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 94-8 में संशोधन करने का ऐलान किया था। ये नए नियम 1 अप्रैल 2023 से लागू होंगे। इसी नियम से बचने का लिए भी तमाम कंपनियां बोनस इश्यू का एलान कर रही हैं।
जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के डॉक्टर वीके विजय कुमार का कहना है कि बढ़ती ब्याज दर और कमजोर मार्जिन के बीच यह साल कमाई के नजरिए से कमजोर है। लेकिन कुछ सेक्टरों की चुनिंदा कंपनियों बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं। फार्मा सेक्टर का प्रदर्शन औसत स्तर का रहा है। फिर भी टोरंट फार्मा ने एक पर एक बोनस शेयर का ऐलान किया है। वहीं GMM Pfaudler ने 2 पर एक बोनस शेयर का ऐलान किया है।
अब तक 143 कंपनियों ने किया बोनस इश्यू का ऐलान
इस साल Motherson Sumi Wiring India, Sheela Foam, Maharashtra Seamless, Easy Trip Planners, FSN E Commerce Ventures, eClerx Services, Gail India, Sonata Software, REC, Indian Oil, Nazara Technologies, Ajanta Pharma और AU Small Finance Bank सहित 143 कंपनियों ने बोनस इश्यू का ऐलान किया है।
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