भारतीय इक्विटी बाज़ारों में बन रहे रिकॉर्ड हाई पर हाई के चलते घरेलू फंड हाउसों अगर चिंतित नहीं तो सतर्क जरूर हो गए हैं। व्हाइट ओक कैपिटल मैनेजमेंट (White Oak Capital Management) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशीष पी सोमैया को उम्मीद है कि साल के अंत तक भारतीय इक्विटी बाजारों में तेजी की तुलना में करेक्श की ज्यादा संभावना है। मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में सोमैया ने कहा कि हाल की तेज रैली के देखते हुए उन्हें बाजार में 10 फीसदी की तेजी की तुलना में 5-7 करेक्शन की ज्यादा संभावना दिख रही है।
आशीष पी सोमैया का यह भी मानना है कि छोटे और मझोले शेयरों कम समय में काफी ज्यादा फंड आने के साथ ही चुनिंदा सेक्टोरल और थीमेटिक फंडों में ओवर एक्सपोजर भी फंड हाउसों के सतर्कता बरतने की वजह है। उनका सुझाव है कि ऐसे नए निवेशक जो अब तक की रैली से चूक गए हैं, उन्हें अब बाजार में एंटर करने में सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में नेट फ्लो कम है और कुछ निवेशक अब ऊपरी स्तरों पर कुछ मुनाफा घर ले जा रहे हैं।
18 से 24 महीने तक जारी रहेगी तेजी
हालांकि आशीष पी सोमैया इस बात से सहमत हैं कि यह तेजी स्ट्रक्चरल नेचर (संरचनात्मक प्रकृति) की है और इसके 18 से 24 महीने तक जारी रहने की संभावना है। लेकिन उन्हें इस बात की भी उम्मीद दिख रही है कि अगले कैलेंडर ईयर में होने वाले आम चुनाव से पहले अपने निवेश निर्णयों में देरी कर सकते हैं।
फाइनेंशियल और फार्मा शेयर लग रहे अच्छे
आशीष पी सोमैया को फाइनेंशियल, नान-लेंडिंग फाइनेंशियल्स और फार्मा थीम में निवेश के नजरिए से बड़ी संभावनाएं दिख रही हैं। कुछ मिडकैप आईटी शेयर भी उनको अच्छे लग रहे हैं। इसके साथ ही वे इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी सेक्टर में ओवरवेट बने हुए हैं।
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