28 जुलाई को खत्म हुए हफ्ते में बाजार की लगातार चार हफ्तों की तेजी थमती दिखी। इस वोलेटाइल हफ्ते के अंत में सेंसेक्स-निफ्टी 0.50 फीसदी की कमजोरी के साथ बंद हुए। यूएस फेड की तरफ से ब्याज दरें बढ़ने और आगे भी दर बढ़ोतरी जारी रहने को संकेत के बाद बाजार में मुनाफावसूली हावी होती दिखी। अच्छ मॉनसून, मिलेजुले तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी इस वोलैटिलिटी में अपना योगदान दिया। सप्ताह के अंत में बीएसई सेंसेक्स 0.78 फीसदी या 524.06 अंक टूटकर 66160.20 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 0.50 फीसदी या 99 अंक टूटकर 19646 पर बंद हुआ।
बीते हफ्ते ब्रॉडर इंडेक्सेज ने मेन इंडेक्सेज की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में 1 फीसदी और मिड-कैप इंडेक्स में 2 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जबकि बीएसई लार्ज-कैप इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ है।
बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में 1 फीसदी की तेजी देखने को मिली थी। थंगमायिल ज्वेलरी, एमएसपी स्टील एंड पावर, फोसेको इंडिया, इंडो बोरेक्स एंड केमिकल्स, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया, ज्योति लैब्स, ह्यूबैक कलरेंट्स इंडिया, जय बालाजी इंडस्ट्रीज, मुकंद, जगसनपाल फार्मास्यूटिकल्स, वेसुवियस इंडिया, गैलेंट इस्पात, टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग और जैन इरिगेशन सिस्टम्स में 20-52 फीसदी की बढ़त देखने को मिली थी।
दूसरी तरफ ग्लोबस स्पिरिट्स, अबंस होल्डिंग्स, कॉफी डे एंटरप्राइजेज, एक्सचेंजिंग सॉल्यूशंस, जिंदल सॉ, एपकोटेक्स इंडस्ट्रीज, कैन फिन होम्स, कृति इंडस्ट्रीज (इंडिया), शारदा क्रॉपकेम, स्पोर्टकिंग इंडिया, महिंद्रा लॉजिस्टिक्स, रेल विकास निगम, राणे ब्रेक लाइनिंग्स , टैनफैक इंडस्ट्रीज, डीसीएम नोवेल्ले, चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और एलजी बालाकृष्णन एंड ब्रदर्स में 10-18 फीसदी की गिरावट आई थी।
अगले हफ्ते कैसी रह सकती है बाजार की चाल
एंजेल वन के ओशो कृष्ण की राय
एंजेल वन में तकनीकी और डेरिवेटिव रिसर्च के सीनियर एनालिस्ट ओशो कृष्ण का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाजार ने चार हफ्ते की लगातार तेजी के बाद राहत की सांस ली है। इस हफ्ते तेजड़ियों ने टेबल से कुछ पैसा निकाल कर जेब में रखने का विकल्प चुना। बेंचमार्क इंडेक्स पूरे हफ्ते लगभग स्थिर रहे। ज्यादातर ऐक्शन ब्रॉडर मार्केट में देखने को मिला। मुनाफावसूली के बीच निफ्टी 50 इंडेक्स में महज 0.50 फीसदी की गिरावट आई और यह हफ्ता 19650 के जोन के आसपास बंद हुआ।
ओशो ने आगे कहा कि ग्लोबल मार्केट के तमाम पॉजिटिव संकेतों को दरकिनार करते हुए निफ्टी बीते हफ्ते 300 अंकों के दायरे में घूमता रहा। निफ्टी का यह रुझान बाज़ार की उम्मीदों के मुताबिक ही था। अब तक की शानदार रैली के बाद इसकी उम्मीद पहले से ही लगाई जा रही थी। तकनीकी रूप से देखें तो बाजार का ओवरऑल ट्रेंड अभी भी तेजी का ही है। राहत की सांस भरने को बाद ये फिर से दौड़ लगाता दिखेगा। जहां तक अहम लेवल्स का सवाल है तो जब तक निफ्टी 19500 के सपोर्ट को बनाए रखता है तब तक डरने की जरूर नहीं है। जबकि ऊपरी स्तरों पर इसके लिए 19800-20000 के स्तर पर रजिस्टेंस दिख रहा है। अगर निफ्टी इस बाधा को पार कर लेता है तो इसमें अगले चरण की रैली देखने को मिल सकती है।
ओशो का कहना है कि वे बाजार को लेकर पॉजिटव बने हुए हैं। लेकिन अनुचित जोखिमों से बचने की सलाह होगी। क्योंकि मौजूदा लेवल्स पर बाजार में खरीदारों की कमी है। हालांकि छोटे-मझोले शेयरों में बेहतर प्रदर्शन करने की काफी बड़ी संभावना दिख रही है। ऐसे में ट्रेडर्स को सलाह होगी की वे चुनिंदा क्वालिटी शेयरों पर फोकस करें। इसके अलावा बनते-बिगड़ते ग्लोबल संकेतों पर अपनी नजर रखें। क्योंकि ग्लोबल संकेत नियर टर्म में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे की सलाह
एलकेपी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक रूपक डे का कहना है कि मौजूदा स्तर से जब तक निफ्टी 19550 से नीचे नहीं आ जाता, तब तक बाजार में किसी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। ऐसे में बाजार में आक्रामक शॉर्ट पोजीशन लेने की सलाह नहीं होगी। दूसरी ओर 19550 से नीचे फिसलने पर निफ्टी 19300 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 19700 पर रजिस्टेंस दिख रहा है।
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