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90% स्मॉलकैप फंड ने दिया इंडेक्स से बेहतर रिटर्न, पर किसी ने नहीं दिया पॉजिटिव रिटर्न

शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट की सबसे ज्यादा मार स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे इन स्मॉलकैप शेयरों में अपने निवेश या SIP को बनाए रखे या फिर इन्हें बेच दें। करीब 90 प्रतिशत स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को बीट किया है। लेकिन दूसरी तरफ सच्चाई ये भी है कि एक भी स्मॉलकैप फंड ने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न नहीं दिया

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Jan 23, 2026 पर 7:37 PM
90% स्मॉलकैप फंड ने दिया इंडेक्स से बेहतर रिटर्न, पर किसी ने नहीं दिया पॉजिटिव रिटर्न
Smallcap Mutual Funds: क्वांट स्मॉलकैप फंड ने पिछले एक साल में -1.65% का रिटर्न दिया है

शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट की सबसे ज्यादा मार स्मॉलकैप शेयरों पर पड़ी है। निवेशक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे इन स्मॉलकैप शेयरों में अपने निवेश या SIP को बनाए रखे या फिर इन्हें बेच दें। अगर स्मॉलकैप वाले म्यूचुअल फंड स्कीमों को देखें तो यह उलझन और भी बढ़ जाती है। एक तरफ आंकड़े कहते हैं कि करीब 90 प्रतिशत स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स ने अपने बेंचमार्क इंडेक्स को बीट किया है। लेकिन दूसरी तरफ सच्चाई ये भी है कि एक भी स्मॉलकैप फंड ने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को पॉजिटिव रिटर्न नहीं दिया।

स्मॉलकैप शेयरों में दिसंबर 2024 के बाद से लगातार गिरावट जारी है। BSE SmallCap Index दिसंबर 2024 से अब तक करीब 21 फीसदी टूट चुका है। ये गिरावट अचानक नहीं आई। असल में, ये एक लंबे समय से बनती आ रही कमजोरी का नतीजा है। कोविड के बाद से दो-तीन सालों में स्मॉलकैप शेयरों में जबरदस्त तेजी आई थी। कई शेयरों के दाम उनकी कमाई से कहीं आगे निकल गए। वैल्यूएशन लगातार महंगे होते चले गए, लेकिन ग्राउंड पर कंपनियों की कमाई उसी रफ्तार से नहीं बढ़ पाई।

इसी बीच ग्लोबल संकेत कमजोर पड़े। अमेरिका और यूरोप से अनिश्चितता बढ़ी, एफआईआई यानी विदेशी निवेशकों ने बिकवाली तेज कर दी, और जैसे ही बाजार में डर बढ़ा, सबसे पहले मुनाफावसूली स्मॉलकैप शेयरों में ही देखने को मिली।

लेकिन इस गिरावट के बीच एक बेहद अहम और दिलचस्प बात सामने आई। जहां बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स इस दौरान 21 प्रतिशत गिरा, वहीं करीब 90 प्रतिशत स्मॉलकैप म्यूचुअल फंड्स का प्रदर्शन इससे बेहतर रहा। यानी इनमें गिरावट तो आई, लेकिन यह बेंचमार्क इंडेक्स की 21 प्रतिशत की गिरावट से कम रही।

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