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Aarti Industries news: आरती इंडस्ट्री की शिकायत पर DGTR ने शुरू की पैरा नाइट्रो टॉलिन पर एंटी डंपिंग जांच, स्टॉक में दिखा एक्शन

Aarti Industries share : आरती इंडस्ट्री के इस मांग की सुनवाई करते हुए DGTR ने एंटी डंपिंग जांच शुरू कर दी है और इसके लिए नोटीफिकेशन भी जारी कर दिया है। नोटीफिकेशन के मुताबित आरती इंडस्ट्री एक प्रोड्युसर है और दूसरा प्रोड्युसर दीपक नाइट्राइट है। इन दोनों को यूरोपीय यूनियन की डंपिंग से नुकसान होता है। इस नुकसान से बचने को लिए एंटी डंपिंग जांच शुरू की गई है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jun 19, 2025 पर 1:35 PM
Aarti Industries news: आरती इंडस्ट्री की शिकायत पर DGTR ने शुरू की पैरा नाइट्रो टॉलिन पर एंटी डंपिंग जांच, स्टॉक में दिखा एक्शन
इस खबर के चलते आज आरती इंडस्ट्रीज में एक्शन देखने को मिला है। फिलाहल 1 बजे के आसपास ये शेयर 9.45 अंक यानी 2.10 फीसदी की गिरावट के साथ 440.70 के स्तर पर दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 454.30 रुपए और दिन का लो 440.25 रुपए है

Aarti Industries share price : आरती इंडस्ट्रीज (AARTI IND) के लिए अच्छी खबर है। आरती इंडस्ट्रीज ने एंटी डंपिंग जांच की मांग की थी। कंपनी ने यूरोपीय यूनियन के देशों से होने वाले इंपोर्ट पर एंटी डंपिंग जांच की मांग की थी। इस खबर पर ज्यादा जानकारी देते हुए सीएनबीसी-आवाज के लक्ष्मण राय ने बताया कि आरती इंडस्ट्रीज ने डंपिंग के मामलों की जांच करने वाली DGTR को एक आवेदन दिया था जिसमें कहा गया था कि एक खास तरह की इंटरमीडियरी है जो खास तरह के केमिकल बनाने में काम आती है। इसका नाम है पैरा नाइट्रो टॉलिन (PNT)। यह यूरोपियन यूनियन से काफी सस्ते में आ रही है। इसकी वजह से घरेलू केमिकल इंडस्ट्री को काफी नुकसान हो रहा है।

आरती इंडस्ट्री के इस मांग की सुनवाई करते हुए DGTR ने एंटी डंपिंग जांच शुरू कर दी है और इसके लिए नोटीफिकेशन भी जारी कर दिया है। नोटीफिकेशन के मुताबित आरती इंडस्ट्रीज एक प्रोड्युसर है और दूसरा प्रोड्युसर दीपक नाइट्राइट है। इन दोनों को यूरोपीय यूनियन की डंपिंग से नुकसान होता है। इस नुकसान से बचने को लिए एंटी डंपिंग जांच शुरू की गई है। इस जांच की अवधि 1 जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2024 तक की है। यानी इस अवधि तक यूरोपियन यूनियन से होने वाला पैरा नाइट्रो टॉलिन (PNT) का सारा आयात जांच के दायरे में रहेगा। इसके अलावा 2021-22 से लेकर अब तक के पीरियड को भी इस जांच का हिस्सा माना गया है। इस दौरान जितनी भी डंपिंग हुई है उससे हुए नुकसान का आकलन किया जाएगा।

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शुरुआती जांच में ये बात सही भी पाई गई है कि यूरोपीय यूनियन से इस केमिकल की डंपिंग हो रही है। जांच पूरी होने के बाद अंतिम नोटीफिकेशन आएगा जिसमें ये पता चलेगा कि आखिर कितना डंपिंग ड्यूटी लगाया जा रहा है, ताकी घरेलू कंपनियों को डंपिंग से बचाया जा सके।

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