ABB India Shares: इंटीग्रेटेड पावर इक्विपमेंट बनाने वाली एबीबी इंडिया के शेयरों को ब्रोकरेजेज फर्म ने धड़ाधड़ डाउनग्रेड शुरू किया। अब तो स्थिति ये है कि इसकी खरीदारी की रेटिंग से अधिक सेल रेटिंग हो गई है। इसे कवर करने वाले 32 एनालिस्ट्स में से 10 ने खरीदारी और 8 ने होल्ड को 14 ने सेल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म के इस बेयरेश रुझान की वजह कंपनी के उम्मीद से कमजोर मार्च 2026 तिमाही के कारोबारी नतीजे हैं। अभी इसके शेयरों के स्थिति की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 8 मई को बीएसई पर यह 2.51% की गिरावट के साथ ₹7009.05 पर बंद हुआ था। पिछले एक साल में कंपनी के शेयरों की बात करें तो 21 जनवरी 2026 को यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹4,640.50 पर था जिससे तीन ही महीने में यह 68.62% उछलकर 22 अप्रैल 2026 को एक साल के हाई ₹7,824.95 पर पहुंच गया।
ABB India पर ब्रोकरेजेज क्यों बेयरेश?
ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने एबीबी इंडिया की रेटिंग को डाउनग्रेड कर न्यूट्रल से अंडरपरफॉर्म कर दिया और टारगेट प्राइस भी घटाकर ₹5,470 कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि एबीबी इंडिया की कंपनी की कमाई अनुमानों से काफी कम रही, रेवेन्यू में 6% के उछाल के बावजूद ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 27% और शुद्ध मुनाफे में 25% की गिरावट आई। काम पूरा करने की सुस्त रफ्तार, ऊंची लागत, रेवेन्यू मिक्स के बेहतर न होने और फोरेक्स मूवमेंट्स में उतार-चढ़ाव के चलते ऑपरेटिंग मार्जिन में 580 बेसिस प्वाइंट्स की कमी आई। मैक्वेरी के मुताबिक मार्जिन में सुधार में उम्मीद से अधिक समय लग सकता है। कंपनी का ऑर्डर फ्लो सालाना आधार पर 25% बढ़ा लेकिन यह तेजी एक बड़े ऑर्डर के चलते आई जबकि बेस ऑर्डर ग्रोथ 9% ही रही।
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने एबीबी इंडिया की रेटिंग को घटाकर अंडरपरफॉर्म कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹5,915 पर फिक्स किया है। कंपनी ने अपने रोबोटिक्स बिजनेस को बेच दिया और इसे निकालकर बात करें तो कंपनी की ईबीआईटी अनुमान से 29% कम रही तो कमजोर ग्रास मार्जिन और कमोडिटी की बढ़ती लागत को पूरी तरह आगे डालने में नाकाम रहने के चलते ईबीआईटीडीए मार्जिन 576 बेसिस प्वाइंट्स फिसलकर 12.8% पर आ गया। जेफरीज का मानना है कि पावर T&D (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) सेगमेंट को छोड़कर इंडस्ट्रियल कैपेक्स ग्रोथ सुस्त रह सकता है जिससे एबीबी इंडिया के पहले के 18-19% के मार्जिन लेवल तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म BofA Securities ने एबीबी इंडिया की रेटिंग को अंडरपरफॉर्म पर बनाए रखा है और टारगेट प्राइस ₹4,764 पर फिक्स किया है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक रोबोटिक्स को छोड़कर एबीबी इंडिया की रेवेन्यू ग्रोथ सालाना आधार पर घटकर 6% रह गई, जो उसके अनुमानों से 4.3% कम है। कच्चे माल की महंगाई और रेवेन्यू मिक्स में प्रतिकूल बदलाव के चलते मार्जिन में 576 बेसिस प्वाइंट्स की गिरावट आई। ब्रोकरेज फर्म ने मार्जिन पर दबाव और रोबोटिक्स बिजनेस की बिक्री को ध्यान में रखते हुए अपने अनुमानों में कटौती की और कहा कि वैल्यूएशन अभी भी महंगा है।
सिटी ने एबीबी इंडिया की सेल रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹5,200 पर फिक्स किया है। ब्रोकरेज फर्म का कगना है कि कमजोर मार्जिन के चलते इसका ऑपरेटिंग प्रॉफिट सालाना आधार पर 19% घट गया और अनुमान से 16% कम रहा। सिटी के मुताबिक कमोडिटी इंफ्लेशन, रुपये की गिरावट, कॉम्पटीशन के दबाव, कुछ कीमतों में कटौती और ईरान-अमेरिका जंग में काम पूरा करने में देरी के चलते मार्जिन के मोर्चे पर यह चूक गई। कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर 25% की रफ्तार से बढ़ा लेकिन सिटी का मानना है कि इसका पॉजिटिव असर पहले से ही शेयर की कीमतों पर पड़ चुका है।
अन्य ब्रोकरेजेज फर्मों का क्या है रुझान?
प्रभुदास लीलाधर ने एबीबी इंडिया की रेटिंग को एकम्युलेट से घटाकर होल्ड कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹6,523 पर फिक्स किया है।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एबीबी इंडिया को डाउनग्रेड कर रिड्यूस रेटिंग दी है है और महंगे वैल्यूएशन का हवाला देते हुए टारगेट प्राइस ₹5,860 पर फिक्स किया है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने एबीबी इंडिया की रेटिंग को डाउनग्रेड कर बाय से न्यूट्रल किया है और टारगेट प्राइस ₹6,600 पर फिक्स किया है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।