शेयरों से कमाई के लिए वैल्यू इन्वेस्टिंग के 'भीष्म पितामह' बेंजामिन ग्राहम के 5 अचूक मंत्र

दिग्गज इनवेस्टर वॉरेन बफे के गुरु और महान निवेशक बेंजामिन ग्राहम ने अपनी पुस्तक 'The Intelligent Investor' में कुछ ऐसे नियमों के बारे में बताया है जो आज बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच उतने ही प्रासंगिक हैं जितने दशकों पहले थे

अपडेटेड Apr 24, 2026 पर 7:27 AM
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ग्राहम का सबसे बड़ा मंत्र है कि शेयर की आंतरिक वैल्यू (Intrinsic Value) और उसके बाजार भाव के बीच पर्याप्त अंतर होना चाहिए।

शेयर बाजार से कमाई करना आसान नहीं है। इसके लिए अनुशासन के साथ ही मार्केट की समझ जरूरी है। दिग्गज इनवेस्टर वॉरेन बफे के गुरु और महान निवेशक बेंजामिन ग्राहम ने अपनी पुस्तक 'The Intelligent Investor' में कुछ ऐसे नियमों के बारे में बताया है जो आज बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच उतने ही प्रासंगिक हैं जितने दशकों पहले थे। शेयर बाजार के हर निवेशक को इन नियमों के बारे में जानना जरूरी है।

1. 'मार्जिन ऑफ सेफ्टी' (Margin of Safety) को ढाल बनाएं

ग्राहम का सबसे बड़ा मंत्र है कि शेयर की आंतरिक वैल्यू (Intrinsic Value) और उसके बाजार भाव के बीच पर्याप्त अंतर होना चाहिए। यदि किसी शेयर की असली कीमत ₹100 है, तो निवेशक को उसे ₹70 या ₹80 में खरीदने की कोशिश करना चाहिए। यह ₹20-30 का सुरक्षा कवच आपको बड़े नुकसान से बचाता है।

2. 'मिस्टर मार्केट' (Mr. Market) के मूड का फायदा उठाएं

ग्राहम ने बाजार को एक 'मिस्टर मार्केट' नाम के व्यक्ति के रूप में देखने की सलाह दी है, जो कभी बहुत खुश होकर ऊंचे दाम मांगता है, तो कभी डरकर बहुत सस्ते में शेयर बेचता है।


इसका मतलब यह है कि निवेशक को बाजार के उत्साह या डर के पीछे नहीं भागना चाहिए। जब मिस्टर मार्केट घबराकर सस्ते में शेयर दे रहा हो, तब खरीदारी करें और जब वह लालच में बहुत महंगे दाम दे रहा हो, तब मुनाफा वसूली करें।

3. निवेश और सट्टेबाजी के बीच के फर्क को पहचानें

ग्राहम के अनुसार, "निवेश वह प्रोसेस है जो तथ्यों के गहन विश्लेषण के बाद मूल पूंजी की सुरक्षा और संतोषजनक रिटर्न का वादा करता है।" इसका मतलब यह है कि बिना रिसर्च के केवल अफवाहों या 'टिप्स' के आधार पर शेयर खरीदना सट्टेबाजी है। एक इंटेलिजेंट निवेशक वही है जो कंपनी की बैलेंस शीट, कर्ज और ग्रोथ का पूरा लेखा-जोखा रखता है।

4. डिफेंसिव निवेशक और उद्यमी निवेशक में अंतर

ग्राहम ने निवेशकों को दो श्रेणियों में बांटा है। पहला है रक्षात्मक निवेशक, जो रिसर्च के लिए समय नहीं दे सकता। उन्हें इंडेक्स फंड्स या अच्छी डिविडेंड हिस्ट्री वाली बड़ी कंपनियों (Blue-chip) में पैसा लगाना चाहिए। उद्यमी निवेशक वह है,जो गहराई से रिसर्च कर सकता है। वह कम लोकप्रिय लेकिन मजबूत फंडामेंटल्स वाली छोटी कंपनियों को ढूंढकर बड़ा मुनाफा कमा सकता है।

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5. वित्तीय सेहत की जांच के लिए 'चेकलिस्ट'

ग्राहम ने शेयर चुनने के लिए कुछ बुनियादी पैमाने तय किए थे। उनका कहना था कि कंपनी पर कर्ज का बोझ कम होना चाहिए। खासकर के कंपनी का कुल कर्ज उसकी इक्विटी से बहुत अधिक नहीं होना चाहिए। दूसरा है पी/ई रेशियो (P/E Ratio)। उनका मानना है कि बहुत अधिक वैल्यूएशन वाले शेयरों में निवेश से बचना चाहिए। तीसरा, निवेशक को उन कंपनियों के शेयरों में निवेश करना चाहिए, जिनका डिविडेंड देना का रिकॉर्ड अच्छा है।

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