एशिया के सबसे धनी कारोबारी की फ्लैगशिप फर्म अडानी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) कम से कम 1.8 अरब डॉलर का फॉलो ऑन इश्यू लाने की तैयारी में है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, गौतम अडानी के मालिकाना हक वाली अडानी एंटरप्राइजेज अपने इस फॉलो ऑन इश्यू के लिए एडवाइजर्स से सलाह मशविरा कर रही है। कंपनी अगले साल फॉलो-ऑन इश्यू के तहत नए शेयर इश्यू कर सकती है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक दूसरे सूत्र ने बताया कि इस फॉलो-ऑन इश्यू के तहत 2.4 अरब डॉलर तक के शेयर जारी किए जा सकते हैं। जानकारों का कहना है कि इस इश्यू से कंपनी के शेयर होल्डर बेस में विविधता आएगी और निवेशकों के बीच कंपनी की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता बढ़ेगी।
कंपनी की मार्केट वैल्यू 56.3 अरब डॉलर के आसपास
मामले की जानकारी रखने वाले एक और सूत्र ने कहा कि आने वाले 6 महीने में और रिसर्च फर्म अडानी इंटरप्राइजेज को अपने कवरेज में शामिल कर सकते हैं। बतातें चलें कि इस साल अब तक अडानी इंटरप्राजेज के शेयरों में करीब 136 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। ब्लूमबर्ग की गणना के मुताबिक, कंपनी की मार्केट वैल्यू 56.3 अरब डॉलर के आसपास पहुंच गई है। वहीं इसी अवधि में BSE का सेंसेक्स सिर्फ 5.4 फीसदी बढ़ा है।
फंड रेजिंग की साइज और इसके समय में बदलाव किया जा सकता है
अडानी ग्रुप ने इसके पहले इसी साल कहा था कि कंपनी अपना फ्री फ्लोट बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी की इसी योजना के तहत यह फॉलो-ऑन इश्यू लाया जा रहा है। इस पर विचार विमर्श जारी है। इस फंड रेजिंग की साइज और इसके समय में बदलाव किया जा सकता है। इस खबर पर अडानी प्राइजेज ने कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। हालांकि कंपनी ने मंगलवार को एक्सचेंज को दी गई सूचना में बताया था कि उसकी बोर्ड मीटिंग 25 नवंबर को होगी। इस मीटिंग में फंड जुटाने के मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
ब्लूमबर्ग की पिछले महीने आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि अडानी ग्रुप अगले साल तक कम से 10 अरब डॉलर के नए कर्ज जुटाने पर काम कर रहा है। इस कर्ज के जरिए कंपनी ऊंची ब्याज दर पर पहले लिए गए अपने कर्ज की रिफाइनेंसिंग करेगी। इसके अलावा इससे कंपनी के नए प्रोजेक्ट पर आने वाले खर्च को पूरा किया जाएगा। मामले की जानकारी रखे वाले सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर वर्तमान तिमाही में ही प्रयास शुरू हो सकते हैं।