अडानी ग्रुप इसी साल 4 अरब डॉलर (करीब 32,800 करोड़ रुपये) जुटाने के अपने लक्ष्य को पूरा करना चाहती है। इसके लिए कंपनी कई ग्लोबल निवेशकों से इस फंडिंग राउंड में भाग लेने के लिए बातचीत कर रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बुधवार 12 जुलाई को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। अदाणी ग्रुप की मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises) और अदाणी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) को उनके बोर्ड ने करीब 1.5 अरब डॉलर जुटाने की मंजूरी दे दी है। वहीं अदाणी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) शेयर बिक्री के जरिए 1.03 बिलियन डॉलर जुटाने की योजना बना रही है।
इन तीनों कंपनियों ने पिछले कुछ हफ्तों में शेयर बाजारों को ये जानकारी दी है। इस तरह अदाणी ग्रुप अपनी 3 कंपनियों के जरिए कुल करीब 4 अरब डॉलर जुटाने की तैयारी में है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अदानी ग्रुप का लक्ष्य साल 2023 खत्म होने से पहले इस फंडिंग राउंड को पूरा करना है। रिपोर्ट में एक सूत्र ने कहा, "योजना इस साल के अंत से पहले फंड जुटाने का काम पूरा करने की है।"
सूत्र ने उन निवेशकों के नामों की जानकारी देने से इनकार कर दिया, जिनसे अदाणी ग्रुप बातचीत कर रहा है। हालांकि उन्होंने कहा कहा कि अब तक बातचीत सकारात्मक रही है और संभावित निवेशकों का मानना है कि ग्रुप की कंपनियों का मौजूदा वैल्यूएशन आकर्षक है।
यह फंडिंग अरबपति उद्योगपति गौतम अदाणी की अगुआई वाले ग्रुप के लिए काफी अहम है, जिसे इस साल की शुरुआत में अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म, हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट से बड़ा झटका लगा था। हिंडनबर्ग ने रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर टैक्स हैवन देशों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया था और उसके कर्ज के स्तर पर चिंता जुटाई थी।
इस रिपोर्ट के चलते अदाणी एंटरप्राइजेज को इस साल फरवरी में अपने करीब 2.5 अरब डॉलर के फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (FPO) को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हालांकि अदाणी ग्रुप ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और हिंडनबर्ग रिपोर्ट को निराधार बताया है। अदाणी ग्रुप तब से निवेशकों का भरोसा वापस जीतने और अपने कर्ज के स्तर को कम करने में लगा हुआ है।