Ambuja ACC Orient Merger: अंबुजा सीमेंट्स में एसीसी, ओरिएंट सीमेंट के विलय से अदाणी समूह के सीमेंट बिजनेस को होगा क्या फायदा?
Ambuja ACC Orient Merger: Adani Group ने Ambuja Cements और ACC को ग्लोबल कंपनी होलसिम से 2022 में खरीदा था। इसके साथ ही ग्रुप की एंट्री सीमेंट बिजनेस में हुई थी। अंबुजा की एसीसी में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है। अदाणी ग्रुप ने पिछले सालों में दोनों कंपनियों की क्षमता बढ़ाने के लिए ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक (अधिग्रहण) तरीके अपनाता रहा है
अदाणी के सीमेंट बिजनेस की कुल कपैसिटी 107 मिलियन टन पर एनम (MTPA) है। इसमें अबंजुा की हिस्सेदारी 57.6 MTPA है।
अदाणी समूह ने अपने सीमेंट बिजनेसेज का विलय करने का ऐलान किया है। अभी अदाणी समूह की तीन कंपनियां हैं, जो सीमेंट बनाती हैं। इनमें अंबुजा सीमेंट्स, एसीसी और ओरिएंट सीमेंट शामिल हैं। यह समूह इन दोनों का विलय अंबुजा सीमेंट में करना चाहता है। इससे ग्रुप का पूरा सीमेंट बिजनेस एक कंपनी के तहत आ जाएगा। 35,000 करोड़ रुपये के इस बिजनेस के एक कंपनी के तहत आ जाने के प्रोडक्शन कॉस्ट में कमी सहित दूसरे फायदे होंगे। अंबुजा सीमेंट्स देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक को कड़ी टक्कर दे सकेगी।
2022 में सीमेंट बिजनेस में अदाणी ग्रुप की एंट्री
Adani Group ने Ambuja Cements और ACC को ग्लोबल कंपनी होलसिम से 2022 में खरीदा था। इसके साथ ही ग्रुप की एंट्री सीमेंट बिजनेस में हुई थी। अंबुजा की एसीसी में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी है। अदाणी ग्रुप ने पिछले सालों में दोनों कंपनियों की क्षमता बढ़ाने के लिए ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक (अधिग्रहण) तरीके अपनाता रहा है। समूह ने पहले गुजरात की कंपनी सांघी इंडस्ट्रीज का अधिग्रहण किया। उसके बाद दक्षिण भारत की पेन्ना सीमेंट और सीके बिड़ला ग्रुप की ओरिएंट सीमेंट का अधिग्रहण किया।
तीन की जगह एक कंपनी होने से बढ़ेगा मार्जिन
अंबुजा सीमेंट्स की ओरिएंट सीमेंट में करीब 73 फीसदी हिस्सेदारी है। यह कंपनी तेलंगाना, आंध्रप्रदेशन, तमिलनाडु जैसे दक्षिणी राज्यों में ज्यादा मौजूद है। अंबुजा को सांघी और पेन्ना का खुद में विलय करने के लिए रेगुलेटर के एप्रूवल का इंतजार है। अंबुजा सीमेंट्स के मुताबिक, तीन की जगह एक सीमेंट कंपनी होने से मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़े मामलों में आसानी होगी। इससे मार्जिन भी बढ़ेगा। कैपिटल और एंप्लॉयीज का भी ज्यादा बेहतर तरीके से इस्तेमाल हो सकेगा।
ब्रांडिंग, सेल्स प्रमोशन के खर्च में आएगी कमी
अंबुजा सीमेंट्स ने अपने प्रजेंटेशन में कहा है, "इस विलय से नेटवर्क, ब्रांडिंग और सेल्स प्रमोशन पर होने वाला खर्च घटेगा। इससे मार्जिन प्रति टन कम से कम 100 रुपये तक बढ़ेगा। इससे कॉस्ट, मार्जिन एक्सपैंसन और ग्रोथ से जुड़े टारगेट हासिल करने में आसानी होगी। फाइनेंशियल, मैनेजेरियल और ऑपरेशनल रिसोर्सेज का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। इससे ग्रुप के स्ट्रेटेजिक ऑब्जेक्टिव को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।"
सालाना उत्पादन क्षमता 107 MTPA
अदाणी के सीमेंट बिजनेस की कुल कपैसिटी 107 मिलियन टन पर एनम (MTPA) है। इसमें अबंजुा की हिस्सेदारी 57.6 MTPA है। एसीसी की कपैसिटी 40.4 MTPA है। ओरिएंट सीमेंट की 8.5 एटीपीए है। अदाणी समूह के सीमेंट बिजनेस में 24 इंटिग्रेटेड यूनिट्स शामिल हैं। 22 ग्राइंडिंग यूनिट्स और 116 से ज्याद रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट्स हैं। कंपनी के एग्जिक्यूटिव्स के मुताबिक विलय की यह प्रक्रिया अगले वित्त वर्ष में पूरी हो जाने की उम्मीद है। उसके बाद अंबुजा की कपैसिटी 2028 तक बढ़कर 140 MTPA तक पहुंच जाने की उम्मीद है।
अल्ट्राटेक कपैसिटी बढ़ाने पर कर रही 10000 करोड़ निवेश
UltraTech की उत्पादन क्षमता FY25 के अंत में 183.4 एमटीपीए थी। हाल में कंपनी ने अपनी कपैसिटी बढ़ाकर 240.76 एमटीपीए करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के निवेश का ऐलान किया है। अल्ट्राटेक खुद अपनी कपैसिटी बढ़ाने के साथ ही अपनी सब्सिडियरी इंडिया सीमेंट्स की कपैसिटी बढ़ा रही है। नई कपैसिटी का फायदा FY28 से मिलना शुरू हो जाएगा।
एनालिस्ट्स ने विलय के फैसले का किया स्वागत
एनालिस्ट्स का कहना है कि सीमेंट बिजनेस के कंसॉलिडेशन का अदाणी ग्रुप का फैसला अच्छा है। एलारा कैपिटल के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रवि सोदाह ने कहा है, "इस विलय से ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर आसान हो जाएगा। कैश का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा। फैसले लेने की प्रक्रिया स्ट्रॉन्ग होगी।" मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि इस कदम से सीमेंट बिजनेस में यह ग्रुप नई ऊंचाई हासिल करेगा। अंबुजा और एसीसी ब्रांड्स का वजूद बना रहेगा। विलय के बाद अंबुजा को यूपी, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इंडस्ट्रियल प्रमोशन इनसेंटिव का भी फायदा मिलेगा।
सीमेंट बिजनेस में लीडर बनने की कोशिश को मजबूती मिलेगी
जेएम फाइनेंशियल ने कहा है कि वॉल्यू ग्रोथ बढ़ने और प्रॉफिटेबिलिटी में इजाफा से ब्लेंडेड EBITDA/टन FY25 में 795 रुपये से बढ़कर FY28 में 1,250 रुपये तक पहुंच सकता है। इससे सीमेंट बिजनेस में लीडर बनने की समूह की कोशिश को मजबूत मिलेगी।