Adani Group News: अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) के झटके से अदाणी ग्रुप की पोर्ट कंपनी का शेयर 87 फीसदी से अधिक रिकवर हो चुका है। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) के शेयरों में ब्रोकरेज अभी और तेजी का रुझान देख रहे हैं। घरेलू और विदेशी ब्रोकरेज दोनों अदाणी पोर्ट्स में निवेश को लेकर पॉजिटिव हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक मौजूदा लेवल से अभी यह शेयर करीब 39 फीसदी ऊपर चढ़ सकता है। इसके शेयर अभी बीएसई पर 1.05 फीसदी के उछाल के साथ 740 रुपये (Adani Ports Share Price) पर ट्रेड हो रहा है।
Adani Ports पर ब्रोकरेज क्यों लगा रहे दांव
कंपनी का पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स के कोर बिजनेस का EBITDA सालाना आधार पर 35 फीसदी बढ़ा है और इसने वित्त वर्ष में कई अधिग्रहणों कर कारोबार पर अपनी पकड़ मजबूत की है। वित्त वर्ष 2023 में पोर्ट ट्रैफिक शानदार रही और सालाना आधार पर 9 फीसदी बढ़ गया और अब कंपनी अगले चरण की ग्रोथ के लिए तैयार है। ऐसे में वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने अदाणी पोर्ट्स की खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है लेकिन टारगेट प्राइस 792 रुपये से बढ़ाकर 878 रुपये कर दिया है।
वहीं एक और ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने इसके शेयरों में निवेश के लिए 1025 रुपये के टारगेट प्राइस पर खरीदारी की रेटिंग ही है। नोमुरा के मुताबिक कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन उम्मीद से भी अधिक बेहतर रहा। नोमुरा का मानना है कि लॉजिस्टिक्स में कंटेनर वॉल्यूम 20-22 फीसदी की मजबूत ग्रोथ हो सकती है। मैनेजमेंट की स्ट्रैटजी वित्त वर्ष 2024 में कम से कम शेयरों को गिरवरी रखने और डीलीवरेज पर अधिक फोकस रखने की है और कंपनी ने लॉजिस्टिक्स में मजबूत ग्रोथ का अनुमान लगाया है।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के मुताबिक अदाणी पोर्ट्स की लॉन्ग टर्म ग्रोथ का लक्ष्य निवेश के लिए पॉजिटिव है। ऐसे में ब्रोकरेज ने इसमें 900 रुपये के टारगेट पर पैसे लगाने की सलाह दी है। नियर टर्म में कंपनी ग्रोथ की बजाय बैलेंस शीट को मजबूत करने पर जोर दे रही है लेकिन इसके बावजूद वित्त वर्ष 2025 तक इसने 550 MMT (मिलियन मीट्रिक टन) तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। कम कैपिटल एक्सपेंडिचर के चलते इसका फ्री कैश फ्लो सुधरकर 5-6 फीसदी पर पहुंच गया जिसके चलते आगे विस्तार और कर्ज लेवल को लेकर कंपनी बेहतर स्थिति में है।
हिंडनबर्ग ने शेयरों को कितना तगड़ा दिया था झटका
अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप की कंपनियों पर स्टॉक मैनिपुलेशन और अकाउंटिंग फ्रॉड का आरोप लगाया था जिससे ग्रुप ने इनकार किया था। हालांकि इस झटके से ग्रुप के शेयर औंधे मुंह गिर पड़े। 24 जनवरी को हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी हुई थी और उस दिन अदाणी पोर्ट्स के भाव बीएसई पर 760.85 रुपये पर बंद हुए थे जिसके बाद यह टूटकर बीएसई पर 3 फरवरी 2023 को एक साल के निचले स्तर 394.95 रुपये पर आ गया था। हालांकि इसके बाद से अब तक 87 फीसदी से अधिक रिकवर हो चुका है और एक्सपर्ट्स इसमें आगे भी तेजी के रुझान देख रहे हैं।
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