गुजरात की एक दवा कंपनी को फार्मा एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Pharmexcil) ने गुरुवार को एक कारण बताओ नोटिस भेजा है। यह नोटिस इस फार्मा कंपनी Indiana Ophthalmics के आई ड्रॉप के चलते श्रीलंका में संक्रमण के मामले सामने आने को लेकर भेजा गया है। नोटिस में फार्मेक्सिल के डायरेक्टर जनरल उदय भास्कर ने चिंता जताई है कि इस प्रकार के आई ड्रॉप की निर्यात के चलते भारतीय फार्मा इंडस्ट्री की छवि को छटका लगा है और इससे भारतीय दवाओं के निर्यात पर वैश्विक एजेंसियों का भरोसा डगमगा सकता है। इस कंपनी से जब मनीकंट्रोल ने मेथिलप्रिडनीसोलोन (Methylprednisolone) आई ड्राप की घरेलू मार्केट में सप्लाई से जुड़े सवाल पूछे तो कंपनी की तरफ कोई जवाब नहीं मिला। इस कंपनी का कारोबार भारत समेत दुनिया के 30 से अधिक देशों में फैला हुआ है।
रद्द हो सकता है कंपनी का रजिस्ट्रेशन
गुजरात की इस दवा कंपनी को आई ड्रॉप्स की जांच कर 3 जून यानी शनिवार तक एक्सपोर्ट काउंसिल तक जानकारी देने को कहा गया है। अगर 3 जून तक कंपनी जांच रिपोर्ट नहीं दाखिल करती है तो इसका रजिस्ट्रेशन कम मेंबरशिप सर्टिफिकट (RCMC) बिना किसी नोटिस के रद्द कर दिया जाएगा। नोटिस में कंपनी के पार्टनर नीरव आर भट्ट को खासतौर से श्रीलंका में जिसे आई ड्रॉप्स सप्लाई किया गया था, उसकी पूरी डिटेल्स के साथ-साथ सप्लाई किए गए प्रोडक्ट की परमिशन और मैनुफैक्चरिंग लाइसेंस की डिटेल्स मांगी गई है।
अप्रैल में श्रीलंका ने की थी शिकायत
श्रीलंका की हेल्थ मिनिस्ट्री ने अप्रैल में भारत सरकार के पास इंडियाना ऑप्थलमिक्स के आई ड्रॉप्स की शिकायत की थी। श्रीलंका के हेल्थ मिनिस्ट्री ने दावा किया था कि इस कंपनी के आई ड्राप्स के चलते श्रीलंका में 30 से अधिक लोगों की आंखों में इनफेक्शन हो गया। इसके बाद भारतीय दवा नियम सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ने इस मामले में जांच शुरू की। कंपनी को भेजे गए नोटिस के मुताबिक आई ड्राप्स की खराबी पर 16 मई को श्रीलंका की कैबिनेट बैठक में चर्चा हुई थी। इस पर श्रीलंका के राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल जांच शुरू करने को कहा। बैठक में प्रभावित लोगों को मुआवजे के मसले पर भी बात हुई।