बैंकिंग शेयरों में इस समय शानदार तेजी का रुझान दिख रहा है। निफ्टी बैंक (Nifty Bank) एक साल में 23 फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। हालांकि मोबियस कैपिटल पार्टनर्स एलएलपी के फाउंडर मार्क मोबियस (Mark Mobius) का मानना है भारतीय बैंकिंग शेयर ओवररेटेड हैं। मोबियस की कंपनी उभरते बाजार वाले देशों में निवेश करती है और इसके फाउंडर का कहना है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर ओवररेट हैं जबकि अलग-अलग सेक्टर की मीडियम साइज की कंपनियां अंडररेटेड हैं। इसका मतलब हुआ कि इमर्जिंग मार्केट इनवेस्टमेंट गुरु मोबियस के मुताबिक बैंकिंग शेयरों में काफी तेजी आ चुकी है लेकिन छोटी कंपनियों के शेयरों में अब भी बंपर तेजी का मौका है।
मोबियस से एक जून को एक इवेंट में पूछा गया था कि भारत में सबसे अधिक ओवररेटेड और अंडररेटेड सेक्टर कौन से हैं? इस पर उन्होंने बैंकिंग सेक्टर को सबसे अधिक ओवररेटेड और अलग-अलग सेक्टर की मीडियम साइज की कंपनियों को अंडररेटेड कहा। पिछले पांच साल में निफ्टी बैंक हर साल करीब 11 फीसदी की दर से बढ़ा है जो निफ्टी की 11.5 फीसदी की चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर से थोड़ी ही कम है।
किन शेयरों की तलाश में हैं मोबियस
मोबियस के पोर्टफोलियो में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स और अपोलो हॉस्पिटल्स समेत चार भारतीय कंपनियों के शेयर हैं। मोबियस की योजना अपनी होल्डिंग को इसे तब तक होल्ड करने की है, जब तक कि ये आगे बढ़ रही हैं। अब किस स्टॉक में निवेश की योजना है, इसे लेकर मोबियस का कहना है कि वे टेक और खासतौर से हार्डवेयर स्टॉक की तलाश में हैं। उनका मानना है कि भारत में सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री काफी मजबूत है लेकिन आने वाले समय में हार्डवेयर अहम होने वाला है। ऐसे में सेमीकंडक्टर्स और इससे जुड़े कारोबार भारत के लिए अधिक अहम हो जाएंगे।
भारतीय बाजार को लेकर निवेश गुरु क्यों है पॉजिटिव
मोबियस के मुताबिक भारतीय शेयरों में निवेश के मौकों की बात करें तो एनएसई-बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों की बजाय बाकी इंडेक्स पर लिस्टेड कंपनियों में अच्छा मुनाफा मिल सकता है। भारतीय कंपनियों और मार्केट में खास बात क्या है, इसे लेकर उनका कहना है कि भारत में ऐसी कई कंपनियां हैं जिन्होंने कैपिटल या एसेट्स पर 20 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया है जबकि बाकी देशों में ऐसी कंपनियां खोजना बहुत ही मुश्किल है।
भारतीय मार्केट को लेकर मोबियस ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के क्रिस वुड से सहमत हैं कि अगले चार से पांच साल में सेंसेक्स 1 लाख तक पहुंच जाएगा। क्रिस वुड के मुताबिक पिछले 23 साल में सेंसेक्स 11.5 फीसदी के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से 5 हजार से 62 हजार तक पहुंच गया है और अब सालाना 10-13 फीसदी की रफ्तार से यह चार से पांच साल में 1 लाख के लेवल को छू देगा। मोबियस के मुताबिक अगर कोई देश 7 फीसदी की दर से बढ़ रहा है तो यह माना जा सकता है कि अच्छी कंपनियां 14 फीसदी की दर से बढ़ रही हैं।
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