Adani Group : मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) अदाणी ग्रुप पर लगे आरोपों की जांच कर रहा है। यह जानकारी आज सोमवार को केंद्र सरकार के वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में दी। अदाणी ग्रुप की 9 लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होने के बाद 24 जनवरी से 1 मार्च के बीच 60 फीसदी की गिरावट आई है। इसी अवधि के दौरान निफ्टी 50 में करीब 4.5 फीसदी की गिरावट आई है। वित्त राज्यमंत्री ने आगे कहा कि इन कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव का सिस्टम के स्तर पर कोई खास असर नहीं पड़ा है।
अमेरिका की रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप पर विदेशी टैक्स हैवन देशों का गलत इस्तेमाल और शेयरों की कीमत को प्रभावित करने का आरोप लगाया था। हालांकि, अदाणी ग्रुप ने इन आरोपों का खंडन किया था। इसके बावजूद अदाणी ग्रुप के शेयरों में गिरावट जारी रही।
बैंक लोन देने के लिए स्वतंत्र : चौधरी
वित्त राज्यमंत्री चौधरी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक बैंक लोन देने से जुड़े फैसले अपने इंटरनल असेसमेंट के आधार पर लेने के लिए स्वतंत्र है। ऐसा करते समय बैंक को अपने बोर्ड द्वारा मंजूर नीतियों और आरबीआई की प्रुडेंशियल गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक्ट 1934 की धारा 45E के प्रावधानों के तहत केंद्रीय बैंक क्रेडिट से जुड़ी जानकारी का खुलासा नहीं कर सकता।
चौधरी ने कहा कि शेयर बाजार की निगरानी और निवेशकों के हितों की रक्षा करना सेबी की जिम्मेदारी है। सेबी के पास किसी भी गड़बड़ी की जांच करने का अधिकार है, जिसके तहत अदाणी ग्रुप पर लगे आरोपों की जांच चल रही है।
चौधरी ने शेयरों में उतार-चढ़ाव को लेकर क्या कहा?
एक अलग जवाब में, चौधरी ने कहा कि अदाणी ग्रुप की ये लिस्टेड कंपनियां सेंसेक्स का हिस्सा नहीं हैं और निफ्टी में इनका कुल वेटेज 1 फीसदी से कम है। मंत्री ने कहा, "इन कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव का सिस्टमैटिक लेवल पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ा है। निफ्टी 50 में जनवरी 2023 के महीने में लगभग 2.9 फीसदी और जनवरी और फरवरी 2023 के 2 महीने की अवधि में लगभग 4.9 फीसदी की गिरावट आई है।" उन्होंने कहा कि अलग-अलग शेयरों की कीमतें और वेरिएशन और निवेशकों का रिस्क डिमांड और सप्लाई के डायनैमिक्स से तय होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च, 2023 के अपने आदेश में सेबी को दो महीने के भीतर चल रही जांच को पूरा करने का निर्देश दिया है।
DRI की जांच को लेकर ये है अपडेट
चौधरी ने कहा कि अदाणी ग्रुप की कंपनियों द्वारा पावर जनरेशन, पावर ट्रांसमिशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर (port & SEZ) इक्विपमेंट के इंपोर्ट से जुड़ी जांच डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) द्वारा पूरी कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट संबंधित न्यायिक अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर दी गई है। अडानी ग्रुप की कंपनियों द्वारा इंडोनेशियाई कोयले के आयात से संबंधित एक मामले के संबंध में मंत्री ने कहा कि इस मामले में DRI की जांच पूरी नहीं हुई है। इसमें निर्यात करने वाले देशों से लेटर्स रोगेटरी (LR) के तहत जानकारी मांगे जाने के मामले में मुकदमे के चलते देरी हो रही है।