Adani Group की कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना हुआ है। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के तीन महीने बाद भी अदाणी ग्रुप की कंपनियों पर इनवेस्टर्स का भरोसा नहीं लौटा है। ज्यादातर शेयर भले ही पिटाई के बुरे दौर से बाहर आ चुके हैं, लेकिन वे अपने 52 हफ्ते के अपने हाई लेवल से बहुत दूर हैं। खास बात यह है कि संस्थागत निवेशक भी इस ग्रुप के शेयरों में अपना निवेश घटा रहे हैं। मार्च के अंत में इस ग्रुप की कंपनियों में म्यूचुअल फंड के निवेश के डेटा से इसका संकेत मिलता है।
आधा रह गया है म्यूचुअल फंडों का निवेश
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 दिसंबर, 2022 को अदाणी ग्रुप के शेयरों में म्यूचुअल फंडों की हिस्सेदारी करीब 2 फीसदी थी। इस साल मार्च के अंत में यह हिस्सेदारी घटकर सिर्फ 0.9 फीसदी रह गई। हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट 24 जनवरी को आई थी। उसके बाद अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई थी। एक समय इस ग्रुप के मार्केट कैपिटलाइजेशन में से 153 अरब डॉलर स्वाहा हो गए थे।
अदाणी ग्रुप हिंडनबर्ग के आरोपों को गलत बता चुका है
अदाणी ग्रुप शुरू से ही हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों को खारिज करता आ रहा है। हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में अदाणी ग्रुप की कंपनियों पर कई तरह के आरोप लगाए थे। उसने यह भी कहा था कि यह समूह कुछ आर्टिफिशियल कंपनियों की मदद से अपनी कंपनियों के शेयरों की कीमतें चढ़ाने की कोशिश करता रहा है। अदाणी ग्रुप ने अपनी कंपनियों पर ज्यादा कर्ज होने के आरोप को भी खारिज किया है। हालांकि, बीते कुछ महीनों में उसके पूंजीगत खर्च में कमी आई है। ग्रुप ने कहा है कि उसने शेयरों के बदले में लिए गए कर्ज वापस कर दिए हैं।
जीक्यूजी पार्टनर्स ने किया था निवेश
अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों को लेकर म्यूचुअल फंडों का रुख GQG Partners के रुख से मेल नहीं खाता है। जीक्यूजी पार्टनर्स के इनवेस्टर राजीव जैन ने अदाणी ग्रुप के शेयरों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई थी। उन्होंने मार्च की शुरुआत में समूह की चार कंपनियों में करीब 2 अरब डॉलर का निवेश किया था। इससे इस समूह की कंपनियों की मार्केट वैल्यू 30 अरब डॉलर से ज्यादा बढ़ गई थी।
दो म्यूचुअल फंडों ने किया निवेश
अदाणी ग्रुप की कंपनियों में म्यूचुअल फंडों की हिस्सेदारी घटी है। लेकिन, कुछ फंड हाउसेज ने मार्च में समूह की कंपनियों के शेयरों में निवेश किया है। इनमें Mirae Asset Investment Managers और HSBC Asset Management शामिल हैं। हालांकि समूह की दो कंपनियों के शेयरों की उनकी कुल खरीदारी 7,00,000 से कम रही। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस की 2021 की एक एनालिसिस के मुताबिक, इस समूह की उन कंपनियों में विदेशी और इंडिविजुअल इनवेस्टर्स का निवेश म्यूचुअल फंड्स के मुकाबले काफी ज्यादा था, जिन पर खराब कॉर्पोरेट गवर्नेंस के आरोप लगे थे।