दिग्गज निवेशक और एमके वेंचर्स के फाउंडर मधुसूदन केला ने उतार-चढ़ाव वाले बाजार में कमाई का मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि आज काफी ज्यादा जागरूकता जरूरी है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में तेज बदलाव से इनवेस्टमेंट की दुनिया की तस्वीर बदल रही है। 27 फरवरी को दिल्ली में न्यूज18 राइजिंग भारत समिट ने उन्होंने मार्केट और निवेश के बारे में कई बातें बताईं।
एआई से आने वाले बदलाव से सतर्क रहने की जरूरत
केला ने कहा, "आज हर व्यक्ति का AI को लेकर अपना नजरिया है। बदलाव की रफ्तार असाधारण हैं।" उन्होंने कहा कि निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि नई चीजें सामने आ रही हैं। इतिहास यह बताता है कि टेक्नोलॉजी ने कभी समाज को नुकसान नहीं पहुंचाया है। लेकिन, इसने (टेक्नोलॉजी) नए विनर्स और लूजर्स दिए हैं। उन्होंने कहा कि Apple सफल रही, जबकि Blackberry और Kodak नाकाम हो गईं। ऐसा AI युग में भी होगा। यहां तक कि आईटी कंपनियों में भी ऐसा होगा। बदलाव के साथ तालमेल बैठाने से सबसे ज्यादा फर्क पड़ेगा।
इंडिया ग्लोबल एआई सॉल्यूशंस प्रोवाइडर बन सकता है
उन्होंने कहा कि एआई खुद को तेजी से बदल रहा है। इससे बदलाव की रफ्तार पहले के मुकाबले तेज है। जहां एक तरफ इससे लंबी अवधि में मौके दिख रहे हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म को लेकर चिंता है। खासकर ऐसा रोजगार के मामले में है। हालांकि, इसके बावजूद मध्यम से लंबी अवधि को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि इंडिया में स्ट्रॉन्ग लेबर बेस है। भारत के लिए ग्लोबल एआई सॉल्यूशंस और अप्लिकेशन लेयर प्रोवाइडर बनने की संभावना है।
बीते 18 महीनों में बाजार ने दिया है रिटर्न
शेयर बाजार की स्थितियों के बारे में उन्होंने कहा कि बीते 18 महीनों में रिटर्न में स्थिरता रही है। स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 11-12 फीसदी नीचे हैं। 1000 कंपनियों से करीब 350 कंपनियों के शेयर 35-40 फीसदी तक गिर चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभी छोटी कंपनियों में संभावना नजर आ रही है। लेकिन, इसमें सावधानी बरतनी होगी। उन्होंने कहा कि यह आंख मूंदकर निवेश करने का समय नहीं है।
चुनिंदा स्मॉलकैप स्टॉक्स में निवेश से होगी कमाई
केला ने कहा कि बड़े म्यूचुअल फंड्स का फोकस लार्जकैप स्टॉक्स पर रहता है। अक्सर उनके पास छोटी कंपनियों के शेयरों में निवेश करने की गुंजाइश नहीं होती है। उन्होंने कहा, "समॉलकैप स्टॉक्स में इनवेस्टर की दिलचस्पी घटी है, कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। आने वाले महीनों में सावधानी से चुने गई छोटी कंपनियों के शेयरों में पोजीशन बनाने के बड़े मौके हो सकते हैं।" उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक रूप से कम इंटरेस्ट रेट और तेज गिरावट वाले ऐसे पीरियड में निवेश से सबसे ज्यादा कमाई हुई है।