आईटी शेयरों में गिरावट से परेशान निवेशकों को दिग्गज इनवेस्टर रमेश दमानी की बातें ध्यान से सुनने की जरूरत है। दमानी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर इनवेस्टर्स के डर को खारिज किया। 27 फरवरी को न्यूज18 राइजिंग भारत समिट में उन्होंने कहा कि एआई से कोई डर नहीं है, लेकिन नए विनर्स और लूजर्स सामने आएंगे। पिछले कई हफ्तों से भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली जारी है। बीते एक महीने में निफ्टी आईटी इंडेक्स 20 फीसदी से ज्यादा गिरा है।
आईटी इंडस्ट्री और मजबूत होकर सामने आएगा
दमानी ने कहा, "आईटी इंडस्ट्री बड़ी और मजबूत होकर वापसी करेगी। इंडस्ट्रीज और कंपनियां जो एआई आधारित बदलाव को अपनाएंगी, वे सफल होंगी।" उन्होंने बीते एक महीने में आईटी स्टॉक्स में 20 फीसदी गिरावट के संबंध में यह बात कही। उन्होंने कहा कि यह सच है कि कुछ डर है। लेकिन, बेयरिश होने की कोई वजह नहीं है।
नए विनर्स और लूजर्स सामने आएंगे
दूसरे दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला ने भी कहा कि वह मीडियम से लॉन्ग टर्म में आईटी इंडस्ट्री को लेकर पॉजिटिव हैं। उन्होंने कहा, "हर व्यक्ति का AI को लेकर अपना नजरिया है। बहुत तेज रफ्तार से बदलाव हो रहा है। हमें उस पर नजर रखने की जरूरत है। टेक्नोलॉजी ने इंडस्ट्री को नुकसान नहीं पहुंचाया है। इस बदलाव में विनर्स और लूजर्स साफ तौर पर सामने आएंगे। यहां तक कि आईटी सेक्टर में भी नतीजे इस पर निर्भर करेंगे कि कंपनियां और लोग बदलाव के साथ किस तरह से तालमेल बैठाते हैं।"
इंडिया के पास स्ट्रॉन्ग और स्किल्ड वर्कफोर्स
उन्होंने कहा कि आप सबको एक ही कैटेगरी में नहीं रख सकते। शॉर्ट टर्म में कुछ चिंता सिर्फ नौकरियों पर एआई के संभावित असर को लेकर है। ये बहुत तेजी से होने वाले बदलाव हैं। लेकिन, मध्यम से लंबी अवधि में मेरा नजरियां पॉजिटिव है। उन्होंने कहा, "हमारे पास स्ट्रॉन्ग और काफी स्किल्ड वर्कफोर्स है। ज्यादा नॉलेज वाले कई प्रोफेशनल्स हैं। यह हमने हाल में समाप्त हुए AI Summit में देखा है। इस बात को लेकर एक राय थी कि इंडिया के पास ग्लोबल एआई लेयर और सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनने की कपैसिटी है।"
अगले 10-15 में देश में बड़े मौके आने वाले हैं
मशहूर इनवेस्टर विजय केडिया ने कहा कि एआई के प्रॉक्सी सेक्टर्स में मौके मिल सकते हैं। उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि अगले 10-15 सालों में इंडिया में बड़े मौके आने वाले हैं, लेकिन आपको अपनी आंखें और कान खुले रखने होंगे। यह इंडिया के लिए गोल्डन पीरियड है।"