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हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या के बावजूद एयरलाइंस कंपनियों का घट सकता है प्रॉफिट, जानिए क्या है वजह

एयरलाइंस कंपनियों का खर्च बढ़ा है। इसलिए हवाई यात्रियों की संख्या बढ़ने के बावजूद उनके प्रॉफिट में गिरावट देखने को मिल सकता है। अब इंडियन मार्केट में मुख्य रूप से दो इंडियन कंपनियां रह गई हैं। उनके बीच प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 15, 2024 पर 5:56 PM
हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या के बावजूद एयरलाइंस कंपनियों का घट सकता है प्रॉफिट, जानिए क्या है वजह
इंडियन मार्केट्स में दो बड़ी एयरलाइंस कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इसका असर फेयर तय करने की उनकी क्षमता पर पड़ा है।

पिछले कुछ महीनों में हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या काफी बढ़ी है। एयरलाइंस कंपनियों ने टिकट के प्राइसेज भी बढ़ाए हैं। सवाल है कि क्या एयरलाइंस कंपनियों के रेवेन्यू पर इसका असर दिखेगा? दरअसल, एयरलाइंस कंपनियों का खर्च बढ़ा है। फ्यूल, एयरपोर्ट चार्ज, लीजिंग चार्ज, ग्राउंडेड प्लेन पर होने वाला खर्च बढ़ा है। जुलाई-सितंबर के एयरलाइंस कंपनियों के नतीजों से इसके संकेत मिले हैं। ऐसा लगता है कि आने वाली तिमाहियों में एयरलाइंस कंपनियों के प्रॉफिट में गिरावट दिख सकता है।

घरेलू बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

Air India के एक सीनियर एग्जिक्यूटिव ने बताया कि इंडियन मार्केट्स में दो बड़ी एयरलाइंस कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इसका असर फेयर तय करने की उनकी क्षमता पर पड़ा है। हर हफ्ते करीब तीन प्लेन बेड़े में जुड़ रहे हैं। इससे घरेलू एयर ट्रैफिक ग्रोथ के मुकाबले क्षमता ज्यादा बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि पैसेंजर्स लोड फैक्टर पिछले साल के मुकाबले 2024 में घटा है। घरेलू एयर ट्रैफिक के आने वाले महीनों में बढ़कर रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच जाने का अनुमान है। लेकिन, लोड फैक्टर ज्यादा बढ़ने का अनुमान नहीं है।

प्रीमियम ग्राहकों पर होगी नजर

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