Apollo Micro Systems Share: शेयर बाजार खुलते ही डिफेंस कंपनी का यह शेयर सरपट भागने लगा। इस शेयर की तेजी कई बार सुर्खियों में रही है। इस शेयर ने निवेशकों को करोड़पति बनाया है। 20 मई को यह शेयर 7 फीसदी चढ़ने के बाद रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। यह लगातार तीसरा दिन है, जब इस शेयर में तेजी दिखी। 12:15 बजे यह 5 फीसदी चढ़कर 357 रुपये पर चल रहा था।
बीते एक साल में 165 फीसदी चढ़ा शेयर
Apollo Micro Systems का शेयर बीते एक साल में 165 फीसदी चढ़ चुका है। इस शेयर में 20 मई को आई तेजी की वजह मार्च तिमाही में इसका प्रदर्शन है। इस दौरान इसका रेवेन्यू और प्रॉफिट दोनों काफी बढ़ा है। मार्च तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 168.84 फीसदी उछलकर 37.61 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 14 करोड़ रुपये था।
मार्च तिमाही में हर मोर्चे पर शानदार प्रदर्शन
मार्च तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 81.28 फीसदी बढ़कर 293.25 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में ंयह 161.76 करोड़ रुपये था। इस साल मार्च तिमाही में कंपनी का EBITDA 88 फीसदी बढ़कर 67.64 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 35.99 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी इस दौरान बढ़कर 23 फीसदी हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 22 फीसदी था।
शेयर पर ब्रोकरेज फर्म की राय
ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities ने इस शेयर का प्रदर्शन आगे भी बेहतर रहने का अनुमान जताया है। कंपनी ने खुद को कंपोनेंट सप्लायर से पूरी तरह से सिस्टम इंटिग्रेटर बना दिया है। इस बदलाव से कंपनी का मार्जिन बढ़ेगा। साथ ही मीडियम टर्म में वैल्यू चेन पर इसका कंट्रोल रहेगा। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। डिफेंस कंपनियों के लिए यह समय अच्छा है। इसका फायदा अपोलो माइक्रो सिस्टम्स को भी मिलेगा।
लगातार तेजी से बढ़ी है वैल्यूएशन
ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी पर अपनी रेटिंग खरीदें (buy) से बदलकर बढ़ाए (Add) कर दी है। लेकिन, उसने शेयर के लिए 365 रुपये के टारगेट प्राइस को बनाया रखा है। इसका मतलब है कि शेयर में शॉर्ट टर्म में बहुत ज्यादा तेजी की उम्मीद नहीं है। लगातार तेजी के बाद इस शेयर की वैल्यूएशन बढ़ी है। इसने बीते तीन सालों में 940 फीसदी रिटर्न दिया है।
दो साल पहले शेयर स्प्लिट हुआ था
शेयर की कीमतें बहुत चढ़ने के बाद कंपनी ने अपने एक शेयर को 10 बराबर हिस्सों में बांटा था। उसने 10 मई, 2023 को शेयर स्प्लिट किया था। मार्च तिमाही के अंत के डेटा के मुताबिक कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी 51.98 फीसदी है। करीब 48 फीसदी शेयर पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास हैं। शेयर स्प्लिट के बाद कंपनी के स्टॉक्स में लिक्विडिटी बढ़ी है।
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