अशोक लैलेंड का प्रदर्शन चौथी तिमाही में अच्छा रहा है। मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट के प्रदर्शन में इम्प्रूवमेंट दिख रहा है। इस सेगमेंट में वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 4 फीसदी और तिमाही दर तिमाही आधार पर 34 फीसदी बढ़ा है। इसमें सरकार को ज्यादा कैपिटल एक्सपेंडिचर का हाथ है। हालांकि, कंपनी के लाइट कमर्शियल व्हीकल्स (एलसीवी) सेगमेंट का वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 2 फीसदी घटा है। लेकिन, एक्सपोर्ट्स का वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 54 फीसदी और तिमाही दर तिमाही आधार पर 32 फीसदी बढ़ा है।
Ashok Leyland का EBITDA मार्जिन 15 फीसदी रहा। यह किसी तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा EBITDA मार्जिन है। इसकी बड़ी वजह बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और लोअर मैटेरियल कॉस्ट है। कुल रेवेन्यू में मैटेरियल कॉस्ट की हिस्सेदारी 70.6 फीसदी रही, जो बीती 8 तिमाहियों में सबसे कम है। मीडियम एंड हेवी कमर्शियल व्हीकल्स (MHCVs) सेगमेंट के लिए 2025 की शुरुआत अच्छी रही। इसे बेहतर मैक्रेइकोनॉमिक इंडिकेटर्स का फायदा मिला। सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाया है। मानसून बेहतर रहने की उम्मीद है।
बेहतर मानसून का मिलेगा फायदा
अच्छी इकोनॉमिक ग्रोथ और बेहतर मानसून का असर कंपनी के एमएचसीवी सहित दूसरे सेगमेंट पर देखने को मिलेगा। लेकिन, सबसे अच्छा प्रदर्शन बस सेगमेंट का रह सकता है। काफी समय बाद बसों की स्ट्रॉन्ग डिमांड देखने को मिल रही है। अशोक लेलैंड के डिफेंस बिजनेस का प्रदर्शन भी अच्छा है। इसकी ऑर्डरबुक काफी अच्छी है। डिफेंस ऑर्डर ऑल-टाइम हाई पर है। इस सेगमेंट से कंपनी का रेवेन्यू पहले 1,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है।
डिफेंस रेवेन्यू 2-3 साल में दोगुना हो सकती है
अशोक लैलेंड को अगले 2-3 सालों में डिफेंस रेवेन्यू दोगुना हो जाने की उम्मीद है। कंपनी अपने डिफेंस पोर्टपोलियो का विस्तार करने के बारे में सोच रही है। वह सिर्फ मोबिलिटी सॉल्यूशंस तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहती है। इससे डिफेंस सेक्टर में अशोक लैलेंड की स्थिति मजबूत होगी। FY25 की पहली तिमाही में हाई बेस की वजह से FY26 की पहली तिमाही में प्रदर्शन कमजोर रह सकता है। FY25 की पहली तिमाही में 10 फीसदी ग्रोथ देखने को मिली थी। लेकिन, FY26 की दूसरी तिमाही से कंपनी के प्रदर्शन में इम्प्रूवमेंट दिख सकता है।
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क्या आपको निवेश करना चाहिए?
अशोक लेलैंड के शेयरों में FY27 की अनुमानित अर्निंग्स से 16.7 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह कंपनी की ग्रोथ की संभावनाओं और मार्केट पोजीशन को देखते हुए ठीक लगता है। कंपनी के फंडामेटल्स स्ट्रॉन्ग हैं। मार्जिन में इम्प्रूवमेंट है और स्ट्रेटेजिक गोल्स स्पष्ट हैं। इसलिए इनवेस्टर्स लंबी अवधि के लिहाज से इस स्टॉक में इनवेस्ट कर सकते हैं। 26 मई को यह स्टॉक मामूली तेजी के साथ 239 रुपये पर चल रहा था।