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US-Iran War पर कच्चे तेल में उबाल, फिसल पड़े पेंट-टायर और तेल बेचने वाली कंपनियों के शेयर

Iran-Israel War Impact: अमेरिका और ईरान की लड़ाई ने घरेलू स्टॉक मार्केट में कोहराम मचा दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स की भी तगड़ी पिटाई होने लगी। मिडिल ईस्ट में मची उथल-पुथल ने भारतीय मार्केट में पेंट और टायर बनाने वाली कंपनियों के साथ-साथ तेल बेचने वाली कंपनियों के शेयरों को तोड़ दिया। जानिए कि महंगे तेल से इनके कारोबार पर क्या असर पड़ता है और कच्चा तेल किस भाव तक जा सकता है?

Translated By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 02, 2026 पर 2:15 PM
US-Iran War पर कच्चे तेल में उबाल, फिसल पड़े पेंट-टायर और तेल बेचने वाली कंपनियों के शेयर
US-Iran War impact on Stock Market: पश्चिमी एशिया में तेज उथल-पुथल पर कच्चे तेल उबल पड़े। कच्चे तेल की कीमतों तेज उछाल के चलते आज पेंट कंपनियों, टायर कंपनियों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई।

US-Iran War impact on Stock Market: पश्चिमी एशिया में तेज उथल-पुथल पर कच्चे तेल उबल पड़े। कच्चे तेल की कीमतों तेज उछाल के चलते आज पेंट कंपनियों, टायर कंपनियों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट आई। कच्चे तेल के भाव में उछाल ने इनपुट लागत, महंगाई और मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंताएं बढ़ाए तो इनसे जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो इनमें बिकवाली का भारी दबाव दिखा। सेंसेक्स (Sensex) 2700 प्वाइंट्स से अधिक फिसलकर 78550 के नीचे 78,543.73 तो निफ्टी 50 भी डेढ़ फीसदी से अधिक फिसलकर 24650 के नीचे 24,645.10 तक आ गया।

इस कारण टूट गए पेंट, टायर और ऑयल मार्केटिंग स्टॉक्स

एशियन पेंट्स के शेयर 2.87% गिरकर ₹2,307.9 पर आ गए तो बर्जर पेंट्स के शेयर 2.13% और कंसाई नेरोलैक के शेयर 3.62% टूट गए। एग्जो नोबेल इंडिया के शेयर भी 1.17% फिसल गए। पेंट बनाने वाली कंपनियों पर कच्चे तेल से जुड़े प्रोडक्ट्स जैसेकि सॉल्वैंट्स और रेजिन से सीधा असर होता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से कच्चे माल की लागत बढ़ जाती है और यदि इसे ग्राहकों पर तुरंत नहीं डाला गया तो कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन कम हो सकता है।

कच्चे तेल में उछाल से टायर कंपनियों के शेयरों पर सबसे अधिक असर पड़ा। जेके टायर के शेयर 5.63%, सीईएटी के शेयर 2.56% और अपोलो टायर्स के शेयर 1.98% गिर गए। ऐसा इसलिए क्योंकि टायर कंपनियां कच्चे तेल से बने सिंथेटिक रबर और पेट्रोकेमिकल इनपुट पर बहुत अधिक निर्भर रहती हैं। महंगे तेल से लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाता है, जिससे मुनाफे पर दबाव और बढ़ जाता है।

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