Asset Reconstruction IPO Listing: फंसे लोन की रिकवरी करने वाली देश की पहली एआरसी एसेट रीकंस्ट्रक्शन के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 20 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹139 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹139.00 और NSE पर ₹139.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। ₹140.95 के हाई तक जाने के बाद बीएसई पर टूटकर ₹136.95 (Asset Reconstruction Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 1.47% घाटे में हैं।
Asset Reconstruction IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
एसेट रीकंस्ट्रक्शन का ₹733 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-11 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 20.10 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 52.65 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 15.69 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 3.39 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है बल्कि ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5,27,31,946 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। चूंकि इस इश्यू के तहत कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है तो कंपनी को आईपीओ का पैसा नहीं मिला है बल्कि शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है।
Asset Reconstruction के बारे में
एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (इंडिया) एक एसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) है जो बैंकों और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस से स्ट्रेस्ड एसेट्स लेती है और फिर अधिक से अधिक रिकवरी करने की कोशिश करती है। आरबीआई से इसे अगस्त 2023 में फंसे हुए कर्ज से जुड़े बिजनेस के लिए मंजूरी मिली थी और यह देश की पहली एआईसी है। यह कॉरपोरेट लोन, एसएमई और अन्य लोन, और रिटेल लोन को लेकर काम करती है। फंसे हुए लोन की रिकवरी के लिए अंडरलाइंग एसेट्स के हिसाब से आगे का फैसला लेती है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के हिसाब से दिल्ली समेत देश के 12 राज्यों/यूटी में इसके 13 ऑफिस हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 15% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹407.84 करोड़ और टोटल इनकम 17% के सीएजीआर से ₹785.08 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹1,205.50 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,751.18 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।