Steamhouse IPO Listing: भाप और नाइट्रोजन बनाने वाली स्टीमहाउस के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 32 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹81 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹93.00 और NSE पर ₹94.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 16% से अधिक का लिस्टिंग गेन (Steamhouse Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹94.46 (Steamhouse Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 16.62% मुनाफे में हैं।
Steamhouse IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
स्टीमहाउस का ₹414 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 9-11 सितंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 32.07 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 46.19 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 46.60 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 17.78 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹353 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹2 की फेस वैल्यू वाले 75,30,864 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹180.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹75.95 करोड़ कैपेसिटी बढ़ाने, ₹38.17 करोड़ एक मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के सेटअप, ₹23.13 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹35.75 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।
स्टीमहाउस इंडिया एक इंडस्ट्रियल गैस कंपनी है। यह भाप और नाइट्रोजन बनाती है और अपने पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए इसका डिस्ट्रीब्यूशन करती है। यह सिर्फ स्टीम ही नहीं बनाती है बल्कि दूसरी कंपनियों से खरीदकर भी अपने पाइपलाइन से सप्लाई करती है। सचिन, वापी, अंकलेश्वर, सारीग्राम, पनोली और नदेसरी जैसे अहम इंडस्ट्रियल हब्स में इसका 45 किमी से अधिक पाइपलाइन नेटवर्क है। इसकी ग्राहक अनुपम रसायन और एथर इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां हैं।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 19% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹38.64 करोड़ और टोटल इनकम 30% के सीएजीआर से ₹494.97 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹281.62 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹127.57 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।