बजाज ऑटो (Bajaj Auto) को जुलाई-सितंबर 2024 में अब तक का सबसे अधिक तिमाही रेवेन्यू हासिल हुआ। इसके नतीजे मार्केट की उम्मीदों के मुताबिक ही रहे। इसके बावजूद नतीजे आने के अगले दिन इसके शेयर 11 फीसदी टूट गए। बजाज ऑटो की इस गिरावट ने और भी दोपहिया कंपनियों के शेयरों पर दबाव बनाया। हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस मोटर कंपनी के शेयर भी 6 फीसदी तक टूट गए। इनकी आज की गिरावट इनके लिए एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। वहीं रॉयल एनफील्ड बनाने वाली आयशर मोटर्स के शेयर भी धड़ाम से गिर गए।
बजाज ऑटो के शेयरों में इसलिए गिरावट आई क्योंकि इसने दोपहिया गाड़ियों की बिक्री में 5 फीसदी की सुस्त ग्रोथ का अनुमान लगाया है जोकि इसके पहले के अनुमान 5-8 फीसदी का लोअर लेवल है। कंपनी ने अनुमान नें इसलिए कटौती की है श्राद्ध पक्ष और एंट्री-लेवल की मोटरसाइकिल्स की कमजोर मांग के चलते फेस्टिव सीजन उम्मीद से कमजोर रही।
बीएसई पर बजाज ऑटो के शेयर फिलहाल 10.79 फीसदी की गिरावट के साथ 10364.50 रुपये पर हैं जबकि इंट्रा-डे में यह 11 फीसदी टूट गया था। हीरो मोटोकॉर्प के शेयर 5.49 फीसदी फिसलकर 5101.10 रुपये के भाव तक टूट गए थे और फिलहाल यह 3.49 फीसदी की गिरावट के साथ 5209.10 रुपये के भाव पर है। टीवीएस मोटर कंपनी के शेयर अभी 3.90 फीसदी की गिरावट के साथ 2659.80 रुपये पर है लेकिन इंट्रा-डे में यह 6.18 फीसदी फिसलकर 2596.35 रुपये तक आ गया था। आयशर मोटर्स की बात करें तो इसमें भी गिरावट तेज है और यह 3.34 फीसदी टूटकर 4521.60 रुपये तक आ गया था। फिलहाल यह 1.46 फीसदी की गिरावट के साथ 4609.75 रुपये के भाव पर है।
कैसी रही Bajaj Auto के लिए सितंबर तिमाही?
बजाज ऑटो का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 9 फीसदी उछलकर 2005 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि इसका रेवेन्यू 22 फीसदी उछलकर 13127 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। तिमाही लेवल पर कंपनी को रिकॉर्ड रेवेन्यू हासिल हुआ लेकिन मुनाफे के मामले में यह मार्केट के अनुमान को हासिल करने में चूक गई। आठ ब्रोकरेज फर्मों के मनीकंट्रोल पोल में मुनाफे के 21 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया था। नतीजे के बाद सिटी. मैक्वायरी और एचडीएफसी सिक्योरिटीज का इस पर निगेटिव रुझान सामने आया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज का कहना है कि नई लॉन्चिंग को प्रमोट करने के लिए कंपनी का विज्ञापनों पर खर्च बढ़ेगा और अहम एक्सपोर्ट मार्केट में सुस्त रिकवरी के चलते नियर टर्म में इसके मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। इसके अलावा गांवों में भी रिकवरी पर नजर रहेगी। सिटी ने इसे सेल रेटिंग दी है। इसका मानना है कि औसत सेलिंग प्राइस और ग्रॉस मार्जिन से चूकने के चलते इसके नतीजे अनुमान से कमजोर रहे। मैक्वायरी ने इसे 11200 रुपये के टारगेट प्राइस पर न्यूट्रल रेटिंग दी है।
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