20 नवंबर को बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) का शेयर 2.5 प्रतिशत तक नीचे आया। इसकी वजह कंपनी के खिलाफ RBI की ओर से 15 नवंबर को जारी हुआ एक आदेश है। इस आदेश के बाद बजाज फाइनेंस ने कस्टमर्स को एग्जिस्टिंग मेंबर आइडेंटिफिकेशन (EMI) कार्ड जारी करना अस्थायी तौर पर रोक दिया। दरअसल आरबीआई ने बजाज फाइनेंस को ईकॉम और इंस्टा EMI कार्ड के तहत लोन की मंजूरी और वितरण रोकने के लिए कहा था। यह कार्रवाई RBI के डिजिटल लेंडिंग दिशानिर्देशों के मौजूदा प्रावधानों का पालन न करने, विशेष रूप से इन दो लेंडिंग प्रोडक्ट्स के तहत बॉरोअर्स को 'की फैक्ट स्टेटमेंट्स' जारी न करने और कंपनी द्वारा मंजूर अन्य डिजिटल लोन्स के मामले में जारी किए गए 'की फैक्ट स्टेटमेंट्स' में कमियां होने के कारण की गई।
इसके बाद 20 नवंबर को कंपनी का शेयर सुबह से ही गिरावट में रहा। बीएसई पर यह 7164 रुपये पर खुला। उसके बाद यह पिछले बंद भाव से करीब 2.5 प्रतिशत तक गिरकर 7050 रुपये के लो तक आ गया। दिन के दौरान शेयर 7239 रुपये के हाई तक गया। बीएसई पर बजाज फाइनेंस के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 8,190 और निचला स्तर 5,487.25 रुपये है।
एनएसई पर कंपनी का शेयर 7,151 रुपये पर खुला और फिर 7,239 रुपये के हाई और 7,050.10 रुपये के लो को छुआ। एनएसई पर शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 8,192 रुपये और निचला स्तर 5,485.70 रुपये है। कारोबार खत्म होने पर बजाज फाइनेंस का शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ 7060 रुपये के लेवल पर बंद हुआ।
शेयर बाजारों को 17 नवंबर को दी गई सूचना में बजाज फाइनेंस ने कहा कि जब तक आरबीआई द्वारा देखी गई कमियों को केंद्रीय बैंक की संतुष्टि के अनुसार ठीक नहीं किया जाता, तब तक ग्राहकों को ईएमआई कार्ड के इश्यूएंस पर रोक रहेगी। बजाज फाइनेंस ने यह भी कहा है कि नए और मौजूदा ग्राहकों को डीलर स्टोर्स पर फाइनेंस की पेशकश पहले की ही तरह जारी रहेगी।
जहां तक शेयर के आउटलुक की बात है तो Morgan Stanley के एनालिस्ट्स ने बजाज फाइनेंस के शेयर के लिए 'ओवरवेट' कॉल के साथ 10,300 रुपये प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस सेट किया है। वहीं Bank of America के एनालिस्ट्स ने 'बाय' रेटिंग के साथ स्टॉक के लिए 8,845 रुपये प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस सेट किया है।