भारी दिक्कतों से जूझ रही विमानन कंपनी गोफर्स्ट (GoFirst) में बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) का एक्सपोजर 1300 करोड़ रुपये का है। एक्सपोजर का मतलब है कि अगर कंपनी डूबती है तो बैंक को कितना घाटा हो सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा के गोफर्स्ट में एक्सपोजर का खुलासा बैंक के एमडी और सीईओ संजीव चड्ढा ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में किया। हालांकि उन्होंने कहा कि मार्च तिमाही में बैंक ने इस एक्सपोजर के खिलाफ 500 करोड़ रुपये अलग रख दिए हैं यानी कि बैंक ने गोफर्स्ट को लेकर किसी भी आशंका से निपटने को लेकर तैयार है। उनका दावा है कि गोफर्स्ट के झटके से बैंक पूरी तरह सुरक्षित है। सस्ती हवाई सेवा मुहैया कराने वाली गोफर्स्ट वालंटरी इनसॉल्वेंसी के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में याचिका दायर किया है।
Bank of Baroda के शेयरों में आज उतार-चढ़ाव
गोफर्स्ट में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक्सपोजर पर खुलासे का असर आज बैंक के शेयरों पर भी दिखा। हालांकि बैंक ने किसी भी विपरीत परिस्थितियों के लिए तैयारी कर ली है तो इसका पॉजिटिव असर भी दिखा। वहीं बैंक के तिमाही नतीजे से भी पॉजिटिव माहौल बना। इंट्रा-डे में बीएसई पर यह 183.80 रुपये तक फिसल गया था लेकिन दिन के आखिरी में महज 0.19 फीसदी की गिरावट के साथ 186 रुपये (Bank of Baroda Share Price) पर बंद हुआ। इंट्रा-डे में यह 190.05 रुपये तक पहुंचा था।
कैसी रही मार्च तिमाही और आगे क्या है रुझान
बैंक ऑफ बड़ौदा को मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 168 फीसदी अधिक 4775 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल हुआ। वहीं जनवरी-मार्च 2023 में ब्याज से इसे 11525 करोड़ रुपये की नेट इनकम हासिल हुआ। बैंक के सीईओ के मुताबिक क्रेडिट लॉस का अनुमान तो है लेकिन इसकी कमाई की ग्रोथ ऐसे ही बनी रहेगी। उनका अनुमान है कि क्रेडिट कॉस्ट 1 फीसदी पर स्थाई बनी रहेगी।
चड्ढा ने बताया कि लोनबुक में रिटेल की 25 फीसदी हिस्सेदारी है और इसे बढ़ाकर 33-35 फीसदी तक किया जा सकता है। आगे की योजना को लेकर बात करें तो बैंक ने जीवन बीमा कारोबार ने डीआरएचपी फाइल कर दिया है और अब इसका इरादा क्रेडिट कार्ड्स बिजनेस को भी लिस्ट करने का है यानी इनके आईपीओ आ सकते हैं।