पब्लिक सेक्टर के बैंक ऑफ बड़ौदा के तिमाही नतीजे जारी होने के बाद कई ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं। हालांकि ज्यादातर एनालिस्ट्स का नजरिया अभी भी पॉजिटिव है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, शेयर को कवर करने वाले एनालिस्ट्स में से 75 प्रतिशत ने 'बाय' रेटिंग दी हुई है। सिटी, मैक्वेरी और जेपी मॉर्गन की ओर से बुलिश रेटिंग बरकरार है लेकिन टारगेट प्राइस कम हो गए हैं। HSBC ने 'होल्ड' रेटिंग बनाए रखी है।
बैंक ऑफ बड़ौदा का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 48 प्रतिशत घटकर 1,783 करोड़ रुपये रह गया। यह गिरावट संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के एनएमसी समूह मामले में अदालत के बाहर हुए समझौते के तहत 5,680 करोड़ रुपये के भुगतान के कारण आई। यह मामला अबू धाबी, इंग्लैंड और वेल्स की अदालतों में चल रहा था। मामला अबू धाबी ग्लोबल मार्केट (एडीजीएम) और ब्रिटेन के दिवाला नियमों व यूएई के नागरिक कानून के तहत एनएमसी हेल्थ पीएलसी, एनएमसी होल्डिंग लिमिटेड और एनएमसी हेल्थकेयर लिमिटेड से संबंधित था।
जून 2026 तिमाही में बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) एक साल पहले से करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 12,524 करोड़ रुपये हो गई। इस दौरान ऋण में 17 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जबकि वैश्विक शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) घटकर 2.77 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले 2.91 प्रतिशत था। ग्रॉस NPA (नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो कम होकर 1.99 प्रतिशत पर आ गया, जो जून 2025 तिमाही में 2.28 प्रतिशत था। वहीं नेट NPA रेशियो 0.50 प्रतिशत रहा, जो एक साल पहले 0.60 प्रतिशत था।
Bank of Baroda पर ब्रोकरेज ने कितना दिया टारगेट
शेयर को कवर करने वाले 40 एनालिस्ट्स में से 30 ने 'बाय' रेटिंग दी है। 7 की 'होल्ड' की सलाह दी है, जबकि 3 ने 'सेल' कॉल दी है। सिटी ने बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर पर अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। लेकिन टारगेट प्राइस ₹340 से घटाकर ₹310 प्रति शेयर कर दिया है। सिटी ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए कमाई के अनुमानों को क्रमशः 28% और 2% कम कर दिया है। मैक्वेरी ने 'बाय' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस घटाकर ₹310 कर दिया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27-28 के दौरान लोन में औसतन 13% की बढ़ोतरी होगी।
JPMorgan ने 'ओवरवेट' रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस घटाकर ₹315 प्रति शेयर कर दिया है। HSBC ने ₹276 के टारगेट प्राइस के साथ 'होल्ड' रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि मीडियम टर्म में एसेट्स पर रिटर्न (RoA) दबाव में रहेगा। धीमी ग्रोथ और FY28-29 में 1% से कम RoA के कारण वैल्यूएशन में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है।
बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयर में 27 जुलाई को गिरावट है। शुरुआती कारोबार में शेयर करीब 2 प्रतिशत तक टूटकर बीएसई पर 242 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है। जून तिमाही के आखिर तक बैंक में सरकार के पास 63.97 प्रतिशत हिस्सा था।
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